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चीन के साथ तनातनी के बीच आर्मी चीफ मुकुंद नरवणे ने फील्ड कमांडर्स से कहा, किसी भी 'हालात' के लिए रहें तैयार

भारत और चीन के बीच पूूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर लगातार गतिरोध बना हुआ है। चीन के सैनिक भारी संख्या में तैनात हैं और पीछे हटने में अब भी कई जगहों से आनाकानी कर...

चीन के साथ तनातनी के बीच आर्मी चीफ मुकुंद नरवणे ने फील्ड कमांडर्स से कहा, किसी भी 'हालात' के लिए रहें तैयार
एजेंसी,नई दिल्ली।Fri, 07 Aug 2020 08:34 PM
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भारत और चीन के बीच पूूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर लगातार गतिरोध बना हुआ है। चीन के सैनिक भारी संख्या में तैनात हैं और पीछे हटने में अब भी कई जगहों से आनाकानी कर रहे हैं। भारत की तरफ से भी भारी तादाद में जवानों की एलएसी पर तैनाती कर बीजिंग को यह संदेश दे दिया गया है किसी भी सूरत में उसकी मनमानी नहीं चलेगी और जो दोनों पक्षों में सहमति बनी है उसका उसे पालन करना ही होगा।

इस बीच, चीन के साथ सीमा पर जारी तनातनी के बीच आर्मी चीफ जनरल मुकुंद नरवणे ने फील्ड कमांडर्स से कहा कि वे किसी भी 'हालात' के लिए तैयार रहें और उच्चस्तरीय ऑपरेशनल तैयारी बनाए रखें। आर्मी चीफ ने ये बात हाल के तेजपुर स्थित चौथी कोर मुख्यालय के दौरे के वक्त कही। नरवणे दो दिनों के दौरे पर तेजपुर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने अरुणाचल प्रदेश में एलएसी पर भारत की सैन्य तैयारियों की व्यापक स्तर पर समीक्षा की।

समाचार एजेंसी एएनआई ने सैन्य सूत्रों के हवाले से कहा, “आर्मी चीफ ने सभी कमांडर्स से कहा कि किसी भी हालात के लिए तैयार रहें और मोर्चे पर उच्चस्तरीय ऑपरेशनल तैयार को बरकरार रखें।”

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सेना की ओर से जारी एक वक्तव्य में कहा गया, “सेना प्रमुख ने पूर्वी कमान के सभी कोर कमांडरों से बातचीत की और वर्तमान सुरक्षा स्थिति तथा सैन्य अभियान की तैयारियों की समीक्षा की।” चीन की सेना ने युद्ध के लिए चार से पांच संयुक्त सशस्त्र ब्रिगेड्स को युद्ध की नीयत से लगा रखा है। भारतीय सेना ने भी करीब 40 हजार जवानों को पूर्व लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तैनात किया है ताकि चीन की तरफ से सैनिकों के भारी जमावड़े का मुकाबला किया जा सके।

चीन की तरफ से उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम और अरूणाचल प्रदेश में भी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर बख्तरबंद गाड़ियां और सैनिकों की तैनाती की गई है। भारत के साथ बात करते हुए चीन ने फिंगर एरिया से पूरी तरह हटने से इनकार कर रहा है और समय बढ़ाने के लिए अन्य मुद्दों को उठा रहा है।

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