अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

जानिए क्या दुनिया के हर देश में होता है राष्ट्राध्यक्षों का मेडिकल टेस्ट?

Donald Trump undergo First Presidential Physical

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आॅफिस संभालने के बाद शुक्रवार को पहली बार आधिकारिक मेडिकल परीक्षण हुआ। अमेरिकी राष्ट्रपति के सेहत की जांच करने के लिए असाइन किए गए डॉक्टर रोनी जैक्सन ने अपने संक्षिप्त बयान में कहा कि ट्रंप पूरी तरह स्वस्थ्य हैं और वह 16 जनवरी को इस बारे में विस्तृत जानकारी देंगे। लगातार तीन प्रशासनों से डॉ. रोनी जैक्सन अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक चिकित्सक हैं। अमेरिकी राष्ट्रपतियों के सेहत की जांच की परम्परा दशकों पुरानी है। आखिर क्यों यह चिकित्सीय परीक्षण किया जाता है, इसका क्या महत्व है और क्या अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों का भी ऐसा चिकित्सीय परीक्षण होता है? हम आपको इसके बारे में बता रहे हैं...

क्या है प्रेसिडेंशियल फिजिकल?
प्रेसिडेंशियल फिजिकल एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसमें सरकार की ओर से असाइन किया गया डॉक्टर अमेरिकी राष्ट्रपति के सेहत की नियमित जांच करता है। इस जांच का मकसद अमेरिकी लोगों को यह बताना होता है कि उनके देश का संचालन करने वाला व्यक्ति पूरी तरह से स्वस्थ्य है और अपना आॅफिस संभालने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस मेडिकल परीक्षण में चेस्ट एक्स- रे, आंखों की जांच, न्यूरोलॉजिकल टेस्ट, पल्मोनरी टेस्ट, हार्ट टेस्ट और गैस्ट्रोइंटेस्टिनल टेस्ट शामिल होता है। डॉक्टर की रिपोर्ट में राष्ट्रपति के ब्लड प्रेशर, हार्ट रेट, कोलेस्ट्रॉल लेवल, डाइट, एक्सरसाइज, ड्रिंकिंग, स्मोकिंग और उनके द्वारा ली जा रहीं दवाईयों के बारे में भी देश की जनता को बताया जाता है। 

अमेरिकी कानून में इससे सं​बंधित कोई नियम नहीं
हालांकि, अमेरिका के कानून में राष्ट्रपति के मेडिकल जांच को अनिवार्य बनाने संबंधित कोई कानून नहीं है, फिर भी पिछले कुछ राष्ट्रपतियों ने इसे एक नियमित प्रक्रिया के तहत लिया है। इस तरह की मेडिकल जांच हर साल नहीं होती है और राष्ट्रपति के ऊपर निर्भर करता है कि वो जांच कराना चाहते हैं या नहीं। डोनाल्ड ट्रंप से पहले बराक ओबामा अपने आठ साल के कार्यकाल में चार बार इस मेडिकल जांच की प्रक्रिया से गुजरे थे। राष्ट्रपति के सेहत संबंधित जांच रिपोर्ट बिना उनकी अनुमति के पब्लिक नहीं की जा सकती है।

क्या दूसरे देशों में भी होता है राष्ट्राध्यक्षों का मेडिकल परीक्षण?
राष्ट्राध्यक्षों के सेहत की इस तरह की जांच दुनिया के हर देश में नहीं किया जाता है। साल 1974 में कार्यकाल के दौरान ही राष्ट्रपति जॉर्ज पाम्पिदू की कैंसर से मौत के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति कार्यकाल संभालने से पहले अपने स्वस्थ्य को लेकर वचन देते हैं कि वे 'एलिसी आॅफिस' (एलिसी पैलेस फ्रेंच राष्ट्रपति का आधिकारिक निवास स्थान और कार्यालय है)  संभालने के लिए पूरी तरह स्वस्थ्य हैं। 

फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रैंकोइस मिटरैंड पब्लिश करवाते थे झूठी रिपोर्ट
वर्ष 1981 से 1995 तक फ्रांस के राष्ट्रपति रहे फ्रैंकोइस मिटरैंड ने अपने 14 वर्ष के कार्यकाल में हर साल मेडिकल रिपोर्ट पब्लिश करवाया, लेकिन बाद में उनकी कैंसर से मृत्यु हुई। उनके द्वारा अपने स्वास्थ्य संधित रिपोर्ट में गलत जानकारी देने का मामला प्रकाश ​में आया। दुनियाभर के देशों में राष्ट्राध्यक्षों के मेडिकल जांच की कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है। विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष अपने सेहत के बारे में खुद ही जानकारी मुहैया कराते रहे हैं। 

राष्ट्राध्यक्ष खुद पब्लिक करते हैं स्वास्थ्य संबंधित जानकारी
ब्रिटेन की वर्तमान प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने अपने डायबिटिज के बारे में खुद मीडिया को बताया। इससे पूर्व इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री एहुद आॅल्मर्ट ने 2007 में प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर बताया था कि वो प्रोस्टेट कैंसर से जूझ रहे हैं। दुनिया के अधिकतर देशों में राष्ट्राध्यक्षों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी को गोपनीय रखा जाता है, यदि वे खुद देश की जनता को इस बारे में बताने के इच्छुक नहीं होते तो। उनके सत्ता से बाहर होने के बाद स्वास्थ्य संबंधित जानकारियां पब्लिक में आती रही हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:American President Donald J Trump undergo first medical checkup Know what is Presidential Physical and Do other countries do this