13 छात्र-छात्राओं को दी छात्रवृत्ति
कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में पूर्व छात्र-छात्राओं के सम्मान और एलुमनाई मीट का आयोजन किया गया। यहां छात्रों को मार्गदर्शन करने और अनुभव साझा करने की प्रेरणा दी गई। इस अवसर पर छात्रवृत्ति भी वितरित की गई। भविष्य में हर दो महीने में एक एलुमनाई मीट आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

राजीव रंजन झा,दरभंगा। कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विवि के पीजी व्याकरण विभागाध्यक्ष डॉ. सीताचरण झा की अध्यक्षता में विभाग में पूर्व छात्र-छात्राओं के सम्मान एवं एलुमनाई मीट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पूर्व छात्रों का स्वागत करते हुए उन्हें विवि से निरंतर जुड़े रहने तथा अपने अनुभवों से वर्तमान विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने का आह्वान किया गया। विभागाध्यक्ष डॉ. सीताचरण झा, व्याकरण साहित्य संकायाध्यक्ष प्रो. दयानाथ झा, डॉ. साधना शर्मा, डा. एल सविता आर्या तथा डॉ. यदुवीर स्वरूप शास्त्री ने सभी पूर्व छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर छात्रों के साथ संवाद एवं काउंसिलिंग सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, शोध तथा रोजगार के विभिन्न अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई।
शिक्षकों ने कहा कि सभी पूर्व विद्यार्थी विवि परिवार के अभिन्न अंग हैं और उन्हें विवि के विकास एवं प्रतिष्ठा के लिए सहयोग करते रहना चाहिए।इसी अवसर पर व्याकरण विभाग के पूर्व छात्रों को सुलभ छात्रवृत्ति भी प्रदान की गई। विवि के पीआरओ. डॉ. निशिकांत सिंह ने बताया कि सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक स्व. डॉ. बिन्देश्वर पाठक द्वारा दानस्वरूप प्रदान की गई राशि के ब्याज से हर कक्षा के श्रेष्ठ पांच विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। छात्रवृत्ति वितरण के अंतर्गत आचार्य सत्र 2019-21 के तृतीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों दिवेश कुमार झा, गजेन्द्र कुमार झा, दीपक कुमार, शालिनी तथा जवाहर पंडितको 7,500 प्रति की छात्रवृत्ति चेक द्वारा प्रदान की गई। वहीं, आचार्य सत्र 2020-22 के द्वितीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों शुभम कुमार झा, हिमांशु मिश्र, गजेन्द्रनाथ झा एवं श्रवण कुमार यादव को 3,750 प्रति तथा आचार्य सत्र 2021-23 के प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों विश्वम्भर झा, अपर्णा प्रियम्वदा, मिथुन कुमार झा एवं गुलशन कुमार शुक्ल को 6,750 प्रति की छात्रवृत्ति के चेक प्रदान किए गए। एलुमनाई मीट के दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि पूर्व छात्र-छात्राओं के साथ संवाद एवं सहभागिता को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से प्रत्येक दो माह में एक एलुमनाई मीट होगा।


