गांजा तस्करी में अभियुक्त को 11 साल कठोर कारावास
अल्मोड़ा की अदालत ने गांजा तस्करी के मामले में एक अभियुक्त को 11 वर्ष की कठोर कारावास और 1.10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जबकि सह-अभियुक्त को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त किया गया। यह मामला 2024 में सल्ट पुलिस द्वारा चेकिंग के दौरान पकड़ी गई पिकअप से जुड़ा है।

अल्मोड़ा। विशेष सत्र न्यायाधीश श्रीकांत पाण्डेय की अदालत ने गांजा तस्करी के मामले में फैसला सुनाया है। न्यायालय ने एक अभियुक्त को दोषी पाते हुए 11 वर्ष के कठोर कारावास व 1.10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं, साक्ष्यों के अभाव में सह-अभियुक्त को दोषमुक्त किया है। जिला शासकीय अधिवक्ता पूरन सिंह कैड़ा, सहायक कुंवर सिंह बिष्ट व विशेष लोक अभियोजक पोक्सो घनश्याम जोशी के मामला वर्ष 2024 का है। तीन फरवरी की रात सल्ट पुलिस सराईखेत कठपतिया तिराहे के पास चेकिंग पर थी। इसी दौरान सराईखेत की तरफ से आ रही एक पिकअप को पुलिस ने रोका। वाहन रुकते ही उसका चालक रविन्द्र सिंह रावत उर्फ रवि धोनी निवासी हनसाली सराईखेत सल्ट अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की तरफ भाग निकला।पुलिस
ने जब गाड़ी की तलाशी ली, तो उसमें सवार हरीश चन्द्र नेगी उर्फ छेत्रपाल निवासी श्रीगाड़ गुदलेख सल्ट मिला। पिकअप के पीछे माल्टे के कट्टों के बीच छिपाकर रखे गए चार सफेद प्लास्टिक के कट्टों से 40.600 किग्रा अवैध गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में अभियुक्त ने कुबूला कि वह इस गांजे को ग्रामीणों से फुटकर खरीदकर रामनगर बेचने ले जा रहे थे। अदालत ने छह गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त को 11 साल कारावास और 1.10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही सह अभियुक्त रविंद्र को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया है।


