Alliance with BJP only in Bihar says JDU plans to go alone in other states in Lok Sabha elections 2019 - LOKSABHA ELECTIONS 2019: भाजपा के साथ गठबंधन सिर्फ बिहार में, अन्य राज्यों में JDU अकेले लड़ेगी चुनाव DA Image
9 दिसंबर, 2019|2:54|IST

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LOKSABHA ELECTIONS 2019: भाजपा के साथ गठबंधन सिर्फ बिहार में, अन्य राज्यों में JDU अकेले लड़ेगी चुनाव

(PTI)

LOKSABHA ELECTIONS 2019: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड(जेडीयू) के सोमवार को लिए फैसले से भाजपा को झटका लग सकता है। जेडीयू ने पार्टी विस्तार के लिए सोमवार को फैसला लिया है कि भाजपा के साथ लोकसभा चुनाव के लिए सिर्फ बिहार में गठबंधन होगा। अन्य राज्यों में जेडीयू अकेले ही चुनावों में किस्मत आजमाएगी। जेडीयू ने कहा है कि "भाजपा के साथ गठबंधन केवल बिहार तक सीमित था"।

पार्टी के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इस मुद्दे पर निर्णय लेने के लिए अधिकृत करने में राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एकमत थे।

बैठक में जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सदस्य आरसीपी सिंह ने कहा, "तीन गठबंधन सहयोगियों के लिए शीघ्र ही सीटों की घोषणा की जाएगी।" बिहार में जेडीयू, भाजपा और लोजपा 17-17-6 सीट बंटवारे के तहत चुनाव लड़ेंगे। जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि पार्टी में बिहार के बाहर अपने विस्तार के विकल्प तलाशने पर सहमति बनी है।

इस बैठक में केसी त्यागी, आरसीपी सिंह और प्रशांत किशोर मैजूद रहे। बैठक में तीन सदस्यीय समिति के गठन के लिए सहमति बनी है, ताकि संबंधित राज्य इकाइयों के प्रमुखों के साथ प्रारंभिक वार्ता आयोजित की जा सके।

केसी त्यागी ने कहा, "जब जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने लक्षद्वीप की लोकसभा सीट से उम्मीदवारी की है तो ऐसे में हम पूर्वोत्तर, झारखंड, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कुछ सीटों पर चुनाव लड़ने का विकल्प तलाशेंगे।"

याद दिला दें कि विधानसभा चुनावों में छत्तीसगढ़, राजस्थान, कर्नाटक और गुजरात में चुनावी नतीजों से जेडीयू को निराशा ही हाथ लगी थी। असम और केरल में पार्टी के सभी प्रयास विफल रहे थे। नागालैंड में पार्टी ने एक सीट जीती। याद दिला दें कि जेडीयू ने पिछले दिनों यूपी विधानसभा चुनाव से बाहर रहने का फैसला किया था। 

चुनाव आयोग के मानदंडों के हिसाब से एक पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी कहलाने के लिए कम से कम चार राज्यों में मान्यता प्राप्त होनी चाहिए।

त्यागी ने कहा कि विवादित मुद्दों पर जेडीयू का विचार आज भी वही है जब पार्टी 1997 में एनडीए में शामिल हुई थी। "हम जम्मू और कश्मीर में अनुच्छेद 370 और 35A की कमजोर पड़ने के किसी भी सुगबुगाहट के विरोध में हैं। हम मानते हैं कि रामजन्मभूमि पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला एकमात्र रास्ता है। रामजन्मभूमि विवाद के बातचीत के माध्यम से हल होने की संभावना पूरी तरह से मंद हो गई है।"

जेडीयू ने यह भी मांग की कि केंद्र उच्चतम न्यायालय द्वारा इलाहाबाद उच्च न्यायालय के एक फैसले के खिलाफ अपील की अस्वीकृति के बाद केंद्रीय विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों में पुरानी रोस्टर प्रणाली की बहाली के लिए अध्यादेश के साथ आए।

त्यागी ने कहा कि पार्टी मौजूदा आरक्षण कोटा को कम करने के किसी भी प्रयास के साथ अपने रुख से समझौता नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जेडीयू अध्यक्ष नितीश कुमार हमेशा आरक्षण व्यवस्था का समर्थन किया है। उनका मानना ​​है कि यह सामाजिक परिवर्तन के लिए जरूरी साधन है।

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