बाल सुधार गृह में किशोर बंदी की संदेहास्पद स्थिति में मौत
बाल सुधार गृह में एक बंदी की शौचालय में संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई। परिजनों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया और न्यायिक जांच की मांग की। बंदी को न्यायालय में पेशी के दौरान उसके परिवार से मिलने का मौका मिला था। उसकी स्वास्थ्य जांच के बाद उसे मृत घोषित किया गया।

परिजनों ने किया हंगामा, बाल सुधार गृह प्रशासन पर लगाया लापरवाही का आरोप बाल सुधार गृह के शौचालय का दरवाजा तोड़कर बेहोश बंदी को निकाला गया बाहर (सर के ध्यानार्थ) भभुआ,हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। चैनपुर थाना क्षेत्र के केवा में स्थित बाल सुधार गृह में गुरुवार की दोपहर एक बाल बंदी की शौचालय में संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गयी। मृतक भभुआ शहर के एक मुहल्ले का रहनेवाला था। वह 20 अगस्त से दुष्कर्म मामले में बाल सुधार गृह में बंद था।
परिजनों के आरोप
गुरुवार को वह भभुआ के किशोर न्यायालय में तारीख पर आया था। न्यायालय परिसर में उसने मां व पिताजी से भेंट भी की थी। परिजनों ने उसे जल्द छुड़ाने का आश्वासन दिया था। बाल सुधार गृह सह सुरक्षित स्थान के प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि गुरुवार की दोपहर 12:30 बजे वह न्यायालय से बाल सुधार गृह पहुंचा, जहां अन्य बाल बंदी दोपहर का भोजन कर रहे थे। वह शौचालय में चला गया। कुछ बाल बंदियों ने उन्हें जानकारी दी कि उक्त बंदी को शौचालय में गए ज्यादा देर हो गई। प्रभारी अन्य कर्मियों के साथ जाकर शौचालय का दरवाजा खटखटाए। लेकिन, अंदर से कोई गतिविधि महसूस नहीं हुई। फिर दरवाजा को तोड़ा गया।
मेडिकल जांच
अंदर वह बेहोश पड़ा था। उसे सदर अस्पताल में लाया गया। डॉ. श्यामा कांत प्रसाद ने उसकी स्वास्थ्य जांच कर उसे मृत घोषित कर दिया। इधर, मृतक के परिजनों ने बाल सुधार गृह प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की। एसडीओ अमित कुमार, एसडीपीओ ओम प्रकाश, बीडीओ, नगर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार व चैनपुर थानाध्यक्ष विजय प्रसाद की उपस्थिति में मेडिकल टीम ने पोस्टमार्टम किया।


