सिंचाई विभाग के कार्यों पर उठे सवाल, डेढ़ करोड़ की योजना की जांच की मांग
बांदा के विकास खंड नरैनी में मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के तहत ब्लास्ट कूपों के निर्माण में अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। आरटीआई कार्यकर्ता ब्रजभूषण सिंह यादव ने आयुक्त से जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि 1.5 करोड़ रुपये के बजट से केवल तीन कूपों का निर्माण पूरा हुआ, जबकि सभी का भुगतान कर दिया गया।

बांदा। मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में विकास खंड नरैनी के ग्राम पंचायत करतल, डढ़वा मानपुर और कुरहूं में बनाए गए ब्लास्ट कूपों के निर्माण कार्य में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) के सदस्य एवं आरटीआई कार्यकर्ता ब्रजभूषण सिंह यादव ने आयुक्त चित्रकूटधाम मंडल से जांच कराने की मांग की है। आयुक्त को शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से एक दर्जन ब्लास्ट कूपों के निर्माण के लिए धनराशि आवंटित की गई थी। आरोप है कि अधिशासी अभियंता और सहायक अभियंता की देखरेख में मार्च 2026 में केवल तीन कूपों का निर्माण पूरा होने के बावजूद सभी कूपों का निर्माण पूर्ण दर्शाकर ठेकेदार को भुगतान कर दिया गया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने 23 जून 2026 को भी अधिकारियों को पत्र देकर अवगत कराया था। इसके बाद विभाग ने शेष अधूरे कूपों का निर्माण कार्य शुरू कराया, जिससे पहले की गई अनियमितताओं पर पर्दा डालने का प्रयास किया जा रहा है। पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि जुलाई 2026 में बनाए जा रहे ब्लास्ट कूप निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं हैं। जहां कूपों की गहराई 15 मीटर और चौड़ाई 6 मीटर तथा बोल्डर पत्थरों से चुनाई होनी चाहिए, वहीं कुछ स्थानों पर समतल भूमि में मात्र 10 मीटर गहराई और 4 मीटर चौड़ाई के कूप बनाकर पत्थरों की चिनाई के बजाय आरसीसी ढलाई कराई जा रही है। आयुक्त से मार्च 2026 में पूर्ण दर्शाकर किए गए भुगतान और जुलाई 2026 में कराए गए निर्माण कार्यों की किसी प्रशासनिक अथवा तकनीकी जांच समिति से निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है। अधिशासी अभियंता पीएन गौतम ने बताया कि इसको लेकर परियोजना निदेशक जांच कर चुके हैं। भौतिक सत्यापन में सही सभी पाए गए हैं। सारे आरोप निराधार हैं।


