प्रो. लाहिड़ी: प्रो. लाहिड़ी के परिजनों ने मांगा मेडिकल जांच का ब्योरा
पद्मश्री प्रो. टीके लाहिड़ी के परिजनों ने अस्पताल में उनकी सुरक्षा और चिकित्सा जांच का ब्योरा मांगा है। ई-मेल में इलाज पर संतुष्टि तो जताई है, लेकिन चेहरे पर चोटें होने से चिंता जताई है। शिक्षा मंत्रालय ने बीएचयू से रिपोर्ट मांगी है और जांच शुरू की गई है।

वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। पद्मश्री प्रो. टीके लाहिड़ी के परिजनों ने सोमवार को आईएमस बीएचयू के निदेशक सहित कई अधिकारियों को दोबारा ई-मेल किया है। भतीजी ने ई-मेल में इलाज पर संतोष जताई है लेकिन बीएचयू से उनके मेडिकल जांच का ब्योरा भी मांगा है। उन्होंने लिखा है कि प्रो. लाहिड़ी के चेहरे और सिर पर प्रहार किए गए थे। हमारा उद्देश्य किसी भी आंतरिक चोट की संभावना को दूर करना था। कृपया पुष्टि करें कि यह जांच की गई है या नहीं। यदि की गई तो सामने क्या आया। ई-मेल में कहा गया है कि प्रो. लाहिड़ी के चेहरे पर चोट के निशान दर्शाते हैं कि हिंसक तरीके से कई बार मारा गया। हमारी पूर्व की मुलाकातों और वीडियो कॉल पर उन्हें देखने पर महसूस हुआ कि प्रो. लाहिड़ी के वाराणसी में निवास और अस्पताल से जुड़े रहने की इच्छा का सम्मान किया जा रहा है। इसके लिए हम आभारी हैं।
सुरक्षा व्यवस्था
उन्होंने लिखा है कि छह सितंबर को बीएचयू अस्पताल का जवाब मिला है लेकिन हम यह समझने में असमर्थ हैं कि कोई व्यक्ति, जो उनके प्रति मित्रवत नहीं था, अस्पताल की आईसीयू में, जहां वह पूरे स्टाफ की निगरानी में थे, एक कमजोर और बीमार व्यक्ति पर हमला कैसे कर सकता है? उनके चेहरे पर लगी चोटों से स्पष्ट है कि उन्हें हिंसक तरीके से कई बार मारा गया। यह घटना आईसीयू जैसे अत्यंत संवेदनशील स्थान पर हुई, यह गंभीर चिंता का विषय है।
चिकित्सकीय जांच
उन्होंने लिखा है कि हमलावर और प्रो. लाहिड़ी, दोनों आपके संस्थान के डॉक्टर हैं। यह कृत्य करने वाले पर क्या कार्रवाई करनी है, यह संस्थान को तय करना है। लेकिन पूरे मामले में कृपया प्रो. लाहिड़ी के व्यक्तित्व और प्रतिष्ठा को धूमिल न होने दें। उन्होंने बीएचयू को सम्मान, गौरव और ख्याति दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हमारी चिंता केवल दो बातों को लेकर है, अस्पताल के भीतर इस व्यक्ति (डॉ. अरविंद) से प्रो. लाहिड़ी की सुरक्षा सुनिश्चित हो और उनके स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का उपचार एवं देखभाल जारी रहे।
अतार्किक बयान से ज्यादा पीड़ा
प्रो.लाहिड़ी की भतीजी ने लिखा है कि हमें यह भी कहना पड़ रहा है कि आपके कुछ डॉक्टरों द्वारा सार्वजनिक रूप से दिए जा रहे अतार्किक बयान प्रो. लाहिड़ी को लगी चोटों के ऊपर और अधिक पीड़ा पहुंचा रहे हैं। हमारा अनुरोध है कि संस्थान इस मामले में स्पष्ट रुख अपनाए और ऐसी टिप्पणियों को बिना रोक-टोक जारी रहने की अनुमति न दे। आपके पत्र में कहा गया है कि इस घटना की जांच की जा रही है और चिकित्सा अधीक्षक द्वारा उनकी सुरक्षा और संरक्षा के लिए व्यवस्था की गई है। यह जानकर हमें कुछ आश्वासन मिला है।
ई-मेल के तीन प्रमुख बिंदु
सुरक्षा व्यवस्था:
उनकी सुरक्षा के लिए क्या-क्या व्यवस्थाएं की गई हैं? हम विशेष रूप से लिखित रूप में यह पुष्टि चाहते हैं कि जिसने प्रो. लाहिड़ी पर हमला किया था, उसे किसी भी परिस्थिति में उनसे मिलने या पास जाने की अनुमति नहीं दी गई है। चाहे हमला करने के लिए उसके अपने जो भी कारण रहे हों। उसके प्रवेश पर रोक लगाए बिना हमें भरोसा नहीं हो सकता कि ऐसी घटना दोबारा नहीं होगी।
चिकित्सकीय जांच:
मैंने अपने पिछले ई-मेल में प्रो. लाहिड़ी की पूरी चिकित्सकीय जांच कराने का अनुरोध किया था, क्योंकि ज्यादातर हमले उनके चेहरे और सिर पर किए गए थे। हमारा उद्देश्य किसी भी आंतरिक चोट की संभावना को दूर करना था। कृपया पुष्टि करें कि यह जांच की गई है या नहीं? जांच में क्या सामने आया।
परिवार को सूचना :
घटना के समय उनके परिजनों को इसकी सूचना नहीं दी गई थी। हमारा अनुरोध है कि भविष्य में ऐसी किसी भी घटना की स्थिति में परिवार को तत्काल सूचित किया जाए। इसके लिए एक ऐसे संपर्क व्यक्ति को नामित किया जाए, जिसके माध्यम से हमें उनके स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में नियमित जानकारी भी मिल सके।
इनका कहना...
परिजनों ने ई-मेल किया है। उसे जांच कमेटी के पास भेज दिया गया है। उनकी जो भी मांगें हैं उस पर कमेटी विचार करेगी। प्रो. लाहिड़ी के इलाज में कोई लापरवाही नहीं हो रही है। हमारी टीम सुबह-शाम इसका अपडेट दे रही है।
प्रो. एसएन संखवार, निदेशक, आईएमएस बीएचयू
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शिक्षा मंत्रालय ने बीएचयू से तलब की रिपोर्ट
वाराणसी। पद्मश्री प्रो. टीके लाहिड़ी से मारपीट के आरोप पर शिक्षा मंत्रालय ने बीएचयू से रिपोर्ट मांगी है। सोमवार को विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रकरण की पूरी जानकारी मंत्रालय को भेजी। प्रदेश शासन को भी विवि ने मामले की जानकारी दी गई है। सर सुंदरलाल अस्पताल के कॉर्डियोथोरेसिक विभाग के आईसीयू वार्ड में भर्ती प्रो. टीके लाहिड़ी के साथ मारपीट के आरोपों को मंत्रालय ने गंभीरता से लिया है। शिक्षा मंत्रालय के पत्र पर बीएचयू ने प्रकरण की रिपोर्ट प्रेषित की है। पत्र में आरोपी चिकित्सक को हटाने और जांच के संबंध में भी जानकारी दी गई है।
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कमेटी ने शुरू की जांच, कर्मचारियों का लिया बयान
वाराणसी। प्रो. टीके लाहिड़ी से मारपीट के आरोपों की जांच शुरू हो गई है। तीन सदस्यीय कमेटी ने सोमवार को वार्ड के कर्मचारियों का बयान दर्ज किया। प्रो. लाहिड़ी से भी बात की लेकिन वह घटना के संबंध में कुछ स्पष्ट नहीं बता सके। वहीं बीएचयू की सात सदस्यीय आंतरिक कमेटी ने भी जांच शुरू कर दी है। यह कमेटी स्वास्थ्य जांच के साथ ही फैक्ट फाइंडिंग भी कर रही है। कमेटी के डॉक्टरों ने प्रो. टीके लाहिड़ी के स्वास्थ्य की अलग-अलग जांच की। यह रिपोर्ट रोज आईएमएस बीएचयू के निदेशक और अस्पताल के एमएस को भेजी जाएगी।
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वार्ड के बाहर बढ़ाई सुरक्षा
वाराणसी। प्रो. टीके लाहिड़ी जिस वार्ड में भर्ती हैं वहां सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। अब तक बाहर सिर्फ एक सुरक्षा गार्ड की तैनाती थी। लेकिन सोमवार को वहां चार गार्ड तैनात कर दिए गए हैं। हर आने जाने वाले पर नजर रखी जा रही है।
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‘ये घर का सबसे छोटा जमाई है...’
फोटो : लहरी
कैप्शन : बीएचयू के कॉर्डियोथोरिसक विभाग की आईसीयू में सोमवार को परिजनों से वीडियो कांफ्रेंसिंग से बात करते प्रो. टीके लाहिड़ी, साथ में छात्र नेता आशुतोष ‘ईशु’।
प्रो.लाहिड़ी ने वीडियो कॉन्प्रेंसिंग से की बहन-बहनोई से बात
संक्षिप्त बातचीत के दिखी मुस्कान, कई बार ठहाके भी लगाए
वाराणसी, कार्यालय संवाददाता।
बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में भर्ती पद्मश्री प्रो. टीके लाहिड़ी ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपनी बहन, बहनोई और भतीजी से बात की। करीब एक मिनट की बातचीत में उनके चेहरे पर चिर-परिचित मुस्कान दिखी। उन्होंने कई बार ठहाके भी लगाए। वहां खड़ी नर्स को स्क्रीन पर दिख रहे बहनोई की ओर इशारा करके कहा कि ‘ये हमारे घर का सबसे छोटा जमाई है...’ और ठहाका लगाया।
बीएचयू के छात्र नेता आशुतोष सिंह ईशु ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रो. लाहिड़ी की परिजनों से बात कराई। स्क्रीन पर बहन रीता को देखते ही प्रो. लाहिड़ी खुश हो गए। रीता ने उनसे पूछा कि ‘कैसे हैं?’ इसके जवाब में प्रो. लाहिड़ी कुछ बोलने के बजाय हंसते रहे। पास खड़ी नर्स को स्क्रीन की ओर इशारा करते हुए बताया, ये मेरी सबसे छोटी बहन है। इसके बाद स्क्रीन पर बहनोई को देखकर फिर इशारा किया और कहा, ये हमारे घर का सबसे छोटा जमाई है। फिर जोर से हंस पड़े। उनकी हंसी देखकर वीडियो कॉल पर मौजूद भावुक परिवार के लोग भी मुस्कुरा उठे।
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घटना झकझोरने वाली, रिपोर्ट आने पर ही हो कार्रवाई
वाराणसी, कार्यालय संवाददाता।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की वाराणसी शाखा ने भी प्रो. लाहिड़ी के साथ हुई कथित घटना पर चिंता जताई है। आईएमए सदस्यों ने कहा कि जो आरोप लगा है वह झकझोर देने वाला है। लेकिन जब तक जांच रिपोर्ट नहीं आती, संबंधित डॉक्टर को दोषी न समझा जाए।
आईएमए अध्यक्ष डॉ. अनुराग टंडन ने कहा कि आरोप काफी गंभीर और झकझोर देने वाला है। लेकिन इसका दूसरा पक्ष यह है कि बिना जांच रिपोर्ट के आरोपी डॉक्टर को दोषी न माना जाए। रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए। सचिव डॉ. अरुण त्रिपाठी ने कहा कि यह निराधार आरोप है। कोई भी छात्र अपने गुरु पर हाथ नहीं उठा सकता है। लोगों को जांच रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए। आईएमए के निर्वाचित अध्यक्ष प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने भी कहा कि जब तक रिपोर्ट नहीं आती, किसी डॉक्टर को दोषी मान लेना गलत है।
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अभाविप ने एमएस को सौंपा ज्ञापन
वाराणसी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की बीएचयू इकाई ने सोमवार को सर सुंदरलाल अस्पताल के एमएस प्रो. पुनीत को ज्ञापन सौंपा। प्रो. लाहिड़ी के साथ मारपीट के आरोप की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच की मांग की है। अस्पताल में उचित सुरक्षा एवं उच्च स्तरीय चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। इस दौरान विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय मंत्री अभय प्रताप सिंह, इकाई अध्यक्ष पल्लव सुमन मौजूद थे।
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आरोपी डॉक्टर के निलंबन की मांग
वाराणसी। विश्वविद्यालय के छात्रों ने सेंट्रल ऑफिस के समक्ष नारेबाजी की। वे छात्रनेता रंजीत यादव ‘माधव’ के नेतृत्व में कुलसचिव को ज्ञापन देने पहुंचे थे लेकिन कार्यालय का चैनल गेट बंद कर दिया गया था। हालांकि बाद में छात्रों ने प्रकरण पर विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष विरोध एवं चिंता दर्ज कराई। प्रतिनिधिमंडल ने कुलसचिव, आईएमएस निदेशक एवं चिकित्सा अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने जांच पूरी होने तक आरोपी को नियमानुसार निलंबित अथवा कार्य से पृथक करने की मांग रखी। प्रतिनिधियों में प्रतीक यादव, रीतम सिंह, अभिषेक गोप, रमेश कुमार, पुनीत सिंह, अभिषेक सिंह, शक्ति सिंह, वरुण मौर्य, चंदन पटेल, शशांक राय मौजूद थे।


