हाईकोर्ट ने प्राधिकरण के सीईओ को तलब किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ग्रेनो वेस्ट स्थित ला रेजिडेंसिया हाउसिंग प्रोजेक्ट में अनियमितताओं के मामले में सख्त रुख अपनाया है। न्यायालय ने जीएनआईडीए के सीईओ को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर कार्रवाई और निष्क्रियता पर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई 15 सितंबर 2026 को होगी।

ग्रेटर नोएडा, संवाददाता। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ग्रेनो वेस्ट स्थित ला रेजिडेंसिया हाउसिंग प्रोजेक्ट में कथित अनियमितताओं के मामले में सख्त रुख अपनाया है। न्यायालय ने ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सीईओ को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर कार्रवाई और कथित निष्क्रियता पर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर 2026 को होगी। मामला फ्लैट आवंटी मधवी त्यागी की ओर से दाखिल रिट याचिका से जुड़ा है। उनकी ओर से अधिवक्ता अनूप कुमार ने न्यायालय में पक्ष रखा। याचिका में आरोप लगाया गया है कि ला रेजिडेंसिया डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से बिना बिक्री विलेख निष्पादित किए और बिना कार्यपूर्ति प्रमाणपत्र प्राप्त किए आवंटियों को फ्लैटों का कब्जा दिया जा रहा है। याचिका में परियोजना की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठाए गए। आरोप है कि परियोजना के लिए अग्निशमन विभाग की एनओसी प्राप्त नहीं की गई, जबकि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) भी अब तक क्रियाशील नहीं हुआ। याचिकाकर्ता का कहना है कि इन परिस्थितियों से परियोजना में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और रहने की स्थिति को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा होती हैं。
याचिका का विवरण
याचिका के अनुसार, कथित अनियमितताओं को लेकर मधवी त्यागी की ओर से तीन जुलाई 2025 और 21 जनवरी 2026 को जीएनआईडीए को प्रतिवेदन दिए गए थे। आरोप है कि इन शिकायतों के बावजूद प्राधिकरण की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। याचिका में कहा गया है कि प्राधिकरण की ओर से केवल बिल्डर को कार्यपूर्ति प्रमाणपत्र प्राप्त करने के संबंध में सूचना जारी की गई। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता अनूप कुमार ने परियोजना में सुरक्षा से जुड़े मुद्दों और जीएनआईडीए की कथित निष्क्रियता को अदालत के समक्ष रखा। उन्होंने बताया कि परियोजना रेरा में पंजीकृत है और संबंधित शिकायत रेरा प्राधिकरण के समक्ष भी लंबित है।


