स्टेशन मास्टरों के आंदोलन को लेकर अलर्ट
मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन (आईएसएमए ) ने 14 जुलाई को 'नेशनवाइड डिमांड डे' मनाने की घोषणा की है। पूर्व मध्य रेलवे ने सभी मंडलों को ट्रेनों का सुचारू परिचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। स्टेशन मास्टर्स विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन और बैठकें आयोजित करेंगे।

मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन (आईएसएमए ) की ओर से 14 जुलाई को ‘नेशनवाइड डिमांड डे’ मनाने के ऐलान के बाद पूर्व मध्य रेलवे ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पूमरे मुख्यालय ने सभी मंडलों को पत्र भेजकर ट्रेनों का सुचारू परिचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यह पत्र पूमरे के महाप्रबंधक कार्यालय से उप मुख्य परिचालन प्रबंधक मनोज कुमार रंजन ने सोमवार को जारी किया है। आईएसएमए के आह्वान पर मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर समेत पूरे देश में स्टेशन मास्टर ड्यूटी के दौरान ‘डिमांड बैज’ लगाकर काम करेंगे। साथ ही रेलवे के विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन और बैठकें भी आयोजित की जाएंगी।
स्टेशन मास्टर्स की मांगें
स्टेशन मास्टर्स ने अपनी मांगों में कहा है कि स्टेशन मास्टर्स कैडर के सभी रिक्त पदों को तत्काल भरा जाए। उन्होंने 12 घंटे की ड्यूटी रोस्टर को समाप्त कर व्यावहारिक रोस्टर लागू करने की मांग की है। इसके अलावा नाइट ड्यूटी भत्ता यानी एनडीए पर लगी सीमा को हटाने, अंतर रेलवे स्थानांतरण और अंतर मंडल स्थानांतरण आईडीटी के मामलों का शीघ्र और पारदर्शी निपटारा करने की भी मांग की गई है। स्टेशन मास्टर्स ने स्थानांतरण नीति को सरल बनाने और उन्हें स्ट्रेस भत्ता देने की भी मांग उठाई है。
आरपीएफ व आरपीएसएफ की तैयारियां
आरपीएफ व आरपीएसएफ को रखा गया है हाई अलर्ट पर :
पूमरे ने सभी संबंधित अधिकारियों को इसे लेकर एहतियाती कदम उठाने को कहा है। आरपीएफ को स्थानीय पुलिस, जीआरपी, रेल प्रशासन और केंद्रीय व राज्य खुफिया एजेंसियों के साथ समन्वय कर एहतियात बरतने का निर्देश दिया गया है। आरपीएफ व आरपीएसएफ और अन्य रेल कर्मचारियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। उन्हें इस मामले में संवेदनशील बनाकर तैनात किया गया है, ताकि 14 जुलाई को ट्रेनों का परिचालन सामान्य रूप से चलता रहे और यात्रियों को कोई असुविधा न हो।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लेखक के बारे में
Somnath Satyomशॉर्ट बायो: सोमनाथ सत्योम पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'हिन्दुस्तान' में रेलवे, मिलिट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर की रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
सोमनाथ सत्योम पत्रकारिता जगह के एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ में बतौर सीनियर कॉटेंट क्रिएटर कार्यरत हैं। इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने पत्रकारिता के कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर
सोमनाथ ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में राष्ट्रीय सहारा और फिर प्रभात खबर जैसे प्रमुख अखबारों से की, जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2015 में ‘हिन्दुस्तान’ के साथ कैरियर को आगे बढ़ाया। वर्ष 2018 में बालिका गृह कांड में बेहतर रिपोर्टिंग के लिए स्टार गोल्ड टीम पुरस्कार से भी नवाजे गये। मई 2022 से सितंबर 2023 तक प्रभात खबर से जुड़े रहे। पुन : अक्टूबर 2023 से ‘हिन्दुस्तान’ से जुड़े। रेलवे, मिलिट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे बीट पर विशेष पकड़ बनाये हुए हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
B.A (अर्थशास्त्र) और मास कम्युनिकेशन में पीजी डिप्लोमा होने के कारण सोमनाथ पत्रकारिता का अनूठा संयोजन मिला। इसी वजह से वह रेलवे, इंफ्रास्स्ट्रक्चर, मेडिकल व मिलिट्री बीट पर कमांड होने के साथ ‘एक्सपर्ट-वेरिफाइड’ और रिसर्च-ड्रिवेन इंफ्रास्ट्रक्चर एक्सप्लेनर स्टोरीज लिख रहे हैं।
विजन
रेलवे और रेल यात्रियों के मुद्दाें पर सोमनाथ की गहरी समझ है। उन्होंने कई बड़े रेलवे योजनाओं, मेडिकल रिसर्च, मिलिट्री भर्ती (अग्निवीर) और टाउन डेवलॉपमेंट से जुड़े स्टोरीज किये हैं। सोमनाथ का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता ही है। उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
रेलवे, मिलिट्री, इंफ्रास्ट्रक्चर, राजनीतिक, सामाजिक सरोकार, मेडिकल रिसर्च और एक्सप्लेनर रिपोर्टिंग


