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Hindi News देशजाम छलकाना हुआ महंगा, इस राज्य में बढ़ी शराब की कीमत; देशी हो या विदेशी सबके बढ़े दाम

जाम छलकाना हुआ महंगा, इस राज्य में बढ़ी शराब की कीमत; देशी हो या विदेशी सबके बढ़े दाम

हरियाणा में शराब और बीयर अब महंगी हो गई है। देशी शराब की बोतल पर 5 रुपए और बीयर के लिए 20 रुपए अधिक देने होंगे। हरियाणा में अंग्रेजी व विदेशी शराब दोनों मंहगी हो गई है।

जाम छलकाना हुआ महंगा, इस राज्य में बढ़ी शराब की कीमत; देशी हो या विदेशी सबके बढ़े दाम
Himanshu Tiwariलाइव हिन्दुस्तान,चंडीगढ़Wed, 12 Jun 2024 09:30 PM
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हरियाणा में बुधवार से नई शराब नीति लागू हो गई, जिसके चलते अब प्रदेश में शराब और बीयर महंगी हो गई। देशी शराब की बोतल पर 5 रुपए और बीयर के लिए 20 रुपए अधिक देने होंगे। अंग्रेजी व विदेशी शराब भी मंहगी हो गई है। इन दोनों के लिए भी पहले के मुकाबले 5 प्रतिशत तक अतिरिक्त राशि चुकानी होगी। सरकार आयातित शराब को भी इसके दायरे में लाई है। होल सेल से जिस रेट पर ठेकेदार को विदेशी शराब मिलेगी, उस पर 20 प्रतिशत लाभ मानकर उस शराब की बिक्री होगी। पहले होटलों में लाइसैंसी बार चलाने वाले संचालकों को अपने आसपास के 2 शराब ठेकों से शराब लेने का नियम था। इस बार सरकार ने पॉलिसी में बदलाव करते हुए होटल संचालकों को एक और विकल्प दिया है। वह अब आसपास के 3 ठेकों में से किसी से भी शराब खरीद सकेंगे। ये भी शर्त रखी है कि तीनों ही शराब ठेके अलग-अलग लाइसैंस धारकों के होने चाहिए। 

एल-1 और एल-13 लाइसैंस की फीस में बदलाव नहीं
नई आबकारी नीति में पिछले साल के रिजर्व प्राइस के मुकाबले 7 प्रतिशत तक बढ़ोतरी गई है, जबकि शराब के दाम कम बढ़ोतरी गई है। पहले प्रति पेटी 50 से 60 रुपए बढ़ाए जाते थे। इस बार 20 से 25 रुपए प्रति पेटी की बढ़ोतरी की गई है। एल-1 (अंग्रेजी होल सेल) और एल-13 (देशी शराब होल सेल) लाइसैंस की फीस में कोई बदलाव नहीं किया गया है। गांवों में शराब के ठेके फिरनी से 50 मीटर दूर खोले जा सकेंगे, 12 बजे के बाद ठेका खोलने के लिए 20 लाख रुपए सालाना फीस देनी होगी।

आज से शुरू हुआ वित्त वर्ष
पहले आबकारी एवं कराधान विभाग का वित्त वर्ष 1 अप्रैल से शुरू होकर 31 मार्च को समाप्त होता था, लेकिन कोविड के बाद से इसके नियमों बदलाव आया है। अब यह 12 जून से 11 जून तक चलता है। इसी कारण प्रदेश में 12 जून से नई आबकारी नीति लागू की गई है। साल 2022-23 के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो सरकार ने ठेकों से राजस्व की कमाई का टारगेट 471 करोड़ रुप, रखा था। तोआय उससे कहीं अधिक 558 करोड़ की हुई थी। साल 2023-24 में 760 करोड़ रुपए के टारगेट से ज्यादा 922 करोड़ की बिक्री हो चुकी है। साल 2024-25 का टारगेट सरकार ने 813 करोड़ रुपए तय किया है।

रिपोर्ट: मोनी देवी

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