बंद स्कूल खुलेगा तो पीडीए पढ़ेगा: अखिलेश
- अखिलेश के निर्देश पर बंद स्कूलों के पास हुआ पाठशाला पुकारे कार्यक्रम - सपा

लखनऊ, विशेष संवाददाता
कार्यक्रम का आयोजन
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर शनिवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर पूरे प्रदेश में भाजपा सरकार बंद किए गए 26 हजार प्राथमिक स्कूलों के पास पाठशाला पुकारे कार्यक्रम का आयोजन किया। इस मौके पर बंद किए गए स्कूलों को पुनः खोलने का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ शिक्षकों को सम्मानित किया गया और छात्र-छात्राओं को पाठ्य सामग्रियां वितरित की गई। प्रदेश के सभी जिलों और ब्लाकों में आयोजित इन कार्यक्रमों में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, सांसद, विधायक, पदाधिकारी, कार्यकर्ता शामिल हुए। अखिलेश ने कहा है कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य संदेश देना है कि बंद स्कूल खुलेगा तो पीडीए पढ़ेगा。
बंद स्कूलों की समस्या
अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रदेशभर में सपाई बंद स्कूलों के बाहर पहुंचे और कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान शिक्षकों को सम्मानित करने के साथ ही बच्चों को पीडीए पाठशाला नामक बैग भी बांटे गए। सपा इस कार्यक्रम की काफी समय से तैयारी कर रही थी, जिससे यह संदेश दिया जा सके कि इन स्कूलों के बंद होने से गरीब बच्चों की पढ़ाई भी बंद हो जाएगी। इन स्कूलों में अधिकतर पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक के साथ दबे-कुचले वर्ग के बच्चे पढ़ते हैं।
शिक्षा का महत्व
अखिलेश ने शिक्षक दिवस पर देशवासियों और सभी शिक्षकों को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि भाजपा ने उत्तर प्रदेश में जिन 26 हजार प्राथमिक विद्यालयों को बंद किए हैं, उन सभी स्कूलों में समाजवादी पार्टी ने ‘पाठशाला पुकारे’ कार्यक्रम आयोजित किया। इसका मूल उद्देश्य ये संदेश देना है कि ‘बंद स्कूल खुलेगा, तो पीडीए पढ़ेगा’। इस कार्यक्रम के पीछे मूल भावना ये है कि शिक्षा को प्राथमिकता दी जाए, क्योंकि शिक्षा से ही शोषित-वंचित, गरीब-पीड़ित समाज में वो सामाजिक-राजनीतिक चेतना और जागरूकता आएगी जो प्रभुत्ववादियों के वर्चस्व को चुनौती देकर भेदभाव को खत्म करेगी, बराबरी लाएगी और समता-समानता पर आधारित ‘सामाजिक न्याय का राज’ लाकर सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाएगी, हमारे ‘बंधु राष्ट्र’ के संकल्प को साकार कर दिखाएगी।


