नफरत फैलाने को अपनी सफलता मानती है भाजपा : अखिलेश यादव
- सपा प्रमुख ने कार्यकर्ता सम्मेलन में भाजपा पर बोला हमला - जयप्रकाश नारायण

लखनऊ, विशेष संवाददाता
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बुधवार को भाजपा पर तीखा हमला बोला। पार्टी मुख्यालय में विभिन्न जिलों से आए कार्यकर्ताओं को भाजपा से सावधान रहने की नसीहत भी दी। अखिलेश ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र की दुश्मन है। लोकतांत्रिक व्यवस्था को तहस-नहस करने पर उतारू है। भाजपा राजनीतिक गैंग और बेईमान लोगों का गिरोह है, जो नफरत फैलाने को अपनी सफलता मानती है।
भ्रष्टाचार के आरोप
अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा ने लोक नायक जयप्रकाश नारायण को धोखा दिया है। सपा सरकार में बनी सिग्नेचर बिल्डिंग, जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर को बेच दिया। इसके अलावा प्लासियो मॉल, किसान बाजार, कन्नौज का काऊ मिल्क प्लांट समेत कई चीजें बेच दी। सपा सरकार में प्रदेश में जो विकास हुआ है, उसे भाजपा सरकार बर्बाद करना चाहती है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी चरम पर है। 10 साल की सरकार में भाजपा के लोगों ने भ्रष्टाचार और बजट की लूट के सिवा कोई काम नहीं किया। भाजपा सरकार में बने हाई-वे और एक्सप्रेस-वे में भारी भ्रष्टाचार हुआ। जल जीवन मिशन में पानी की टंकियां लगातार टूट रही है। पानी की टंकियां भाजपा के भ्रष्टाचार का भार नहीं सहन कर पा रही है।
जनता की भलाई के लिए वचन
अखिलेश ने कार्यकर्ताओं से कहा कि उन्हें जनता के बीच रहना है। व्यवहार और भाषा में शिष्टाचार होना चाहिए। वर्ष 2027 में चुनाव जीतना ही है। जनता को भाजपा के कुशासन से छुटकारा मिलेगा, इसीलिए भाजपा सपा और पीडीए से घबराई हुई है। उन्होंने कहा कि भाजपा किसान, नौजवान, मजदूर विरोधी है और हर हर वर्ग को ठगा है। महंगाई बढ़ाकर जनता की जेब काट ली। पेट्रोल में इथेनाल की मिलावट कर गाड़ियों का इंजन खराब कर दिया। लोगों को भारी नुकसान हुआ है। अखिलेश ने कहा कि सपा की सरकार में किसानों के लिए फैसले किए जाएंगे। 24 घंटे में गन्ना किसानों को गन्ने का भुगतान होगा। किसानों को समय पर खाद-बीज, पानी मिलेगा।
-------
पुस्तक विमोचन
अखिलेश ने किया पुस्तक का विमोचन
अखिलेश यादव ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय में अयोध्या धाम के महंत रामदास महाराज (बालयोगी) से भेंट की। उन्होंने अखिलेश यादव को ‘सीइंग इक्वली‘ पुस्तक भेंट की, जिसे अनंतानंद, राम बचन व सुनीता विश्वनाथ ने संपादित किया है। पुस्तक में पृष्ठ 80 से 86 तक महंत रामदास का आलेख दि हिंदुइज्म ऑफ राम है। अखिलेश यादव ने इसके अलावा युवा लेखक भरत के. राजभर की पुस्तक पीडीए क्रांति-नए भारत की जन चेतना और लोकतांत्रिक विमर्श का विमोचन भी किया। भरत के. राजभर का कहना है कि पीडीए कोई अचानक बना नारा नहीं है। यह भारतीय समाज की सदियों पुरानी असमानताओं और वंचनाओं के खिलाफ एक सामूहिक चेतना का नाम है।


