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पुलवामा मुठभेड़: शहीद अजय के साथी ने बताई एनकाउंटर की पूरी कहानी

मेजर के साथ बिल्डिंग में घुसे थे जांबाज अजय

हमें एक बिल्डिंग में तीन-चार आतंकियों के छिपे होने की खबर मिली थी। तुरंत तीन टीमें तैयार की गईं। शहीद अजय पहली टीम का हिस्सा थे जो गाइड के रूप में सबसे आगे चल रहे थे। चूंकि उनका सिविलियन से अच्छा तालमेल रहता था, इसलिए अजय को टीम में सबसे आगे रखा गया। 

इसी टीम को खुद मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल लीड कर रहे थे। जिस बिल्डिंग में आतंकी छिपे थे, उसके भीतर मेजर ढौंडियाल और गाइड अजय अंदर घुस गए। सामने से गोलीबारी हुई, जो दोनों के सीने को छलनी करती हुई निकल गई। गोली लगने के बावजूद अजय ने कई प्रहार किए। हमें उस बिल्डिंग से कुल तीन की लाशें बरामद हुईं, जिनमें दो आतंकी और एक सिविलियन था।

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मंगलवार को 55-राष्ट्रीय राइफल्स के शहीद जवान अजय कुमार के अंतिम संस्कार में बासा टीकरी गांव पहुंचे सूबेदार मेजर आदेश कुमार ने परिजनों को हमले की पूरी कहानी बताई। सूबेदार मेजर आदेश कुमार के मुताबिक, मेजर ढौंडियाल और गाइड अजय एक साथ उस कमरे में घुसे थे जहां आतंकी छिपे हुए थे। 

आदेश कुमार ने बताया कि अजय कुमार 20-ग्रेनेडियर का हिस्सा थे। लेकिन हर फौजी को 30 माह के लिए राष्ट्रीय राइफल्स में आना होता है। अजय के 30 माह अगले कुछ दिन में पूरे होने वाले थे। इसके बाद उन्हें वापस 20-ग्रेनेडियर नागालैंड में जाना था, लेकिन इससे पहले ही वह आतंकी हमले में शहीद हो गए। पुलवामा से साथ आए सेना के दूसरे अफसरों ने भी शहीद अजय की बहादुरी की प्रशंसा की। 

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  • Web Title:Ajay was in the building with Major