शिक्षा-रोजगार के संवैधानिक अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रहेगा : नेहा बोरा
प्रयागराज, संवाददाता। सिविल लाइंस स्थित धरनास्थल से बुधवार को आइसा की जेन जी राइजिंग महाजुटान यात्रा की शुरुआत हुई। यह यात्रा शिक्षा और रोजगार के संवैधानिक अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे छात्रों के साथ एकजुटता दिखाने के उद्देश्य से निकाली गई है। यात्रा लखनऊ पहुंचकर अलीगढ़ में समाप्त होगी।
प्रयागराज, संवाददाता। सिविल लाइंस स्थित धरनास्थल से बुधवार को आइसा की जेन जी राइजिंग महाजुटान यात्रा की शुरुआत हुई। यात्रा प्रदेश के प्रमुख विश्वविद्यालयों और शहरों से होते हुए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय तक जाएगी। इस मौके पर आइसा(ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने कहा कि यात्रा शिक्षा और रोजगार के संवैधानिक अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे छात्रों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए निकाली गई है。
यात्रा की शुरुआत
यात्रा की शुरुआत में पहुंचीं नेहा ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रों के निलंबन, फीस वृद्धि और छात्रसंघ चुनाव की मांग का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने निलंबित छात्रों मनीष और रोशन के प्रति एकजुटता जताते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों में लोकतांत्रिक छात्रसंघ चुनाव होने चाहिए।
छात्रों की समस्याएं
नेहा बोरा ने कहा कि यूपीएसआई, लेखपाल, नीट, 12वीं की परीक्षाओं में देरी, प्रश्नपत्र लीक और तकनीकी समस्याओं से छात्रों को परेशानी हो रही है। उन्होंने प्रदेश में करीब 26 हजार सरकारी स्कूल बंद होने के दावे पर भी सवाल उठाया और कहा कि इसका सबसे अधिक असर गरीब, दलित, मुस्लिम और महिला विद्यार्थियों पर पड़ रहा है।
पुलिस कार्रवाई की मांग
उन्होंने छात्र नेताओं पर पुलिस कार्रवाई, हिरासत और नजरबंदी के मामलों की जांच की मांग की। यात्रा वाराणसी, आजमगढ़, गोरखपुर, फैजाबाद और रायबरेली होते हुए लखनऊ पहुंचेगी और 18 को अलीगढ़ में इसका समापन होगा।


