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29 अक्तूबर, 2020|11:21|IST

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देश में पिछले साल वायु प्रदूषण ने ले ली 1.16 लाख नवजात की जान, सर्वाधिक PM-2.5 वाले 10 देशों में भारत

air pollution killed 1 lakh 16 thousand newborns in country last year india among 10 countries with

नवजात शिशुओं को वायु प्रदूषण की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। एक नए अध्ययन में यह दावा किया गया कि पिछले साल देश में 1.16 लाख नवजात शिशुओं की वायु प्रदूषण के चलते मौत हुई। हालांकि बीते 10 सालों में घरेलू प्रदूषण के संपर्क में आने वालों की संख्या में पांच करोड़ की कमी आई है। इसकी मुख्य वजह स्वच्छ ईंधन का विस्तार होना है।

मंगलवार को जारी स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर-2020 रिपोर्ट के अनुसार इन मौतों के लिए घरेलू एवं बाह्य दो किस्म का प्रदूषण जिम्मेदार है। एक, घर के बाहर हवा में पीएम 2.5 की ज्यादा मात्रा होना और दूसरे, घर में भोजन के लिए ठोस ईंधन का इस्तेमाल करना है। अध्ययन अमेरिका के हेल्थ इफेक्ट इंस्टीट्यूट के द्वारा किया गया है जिसमें वायु प्रदूषण को नवजात शिशुओं की मृत्यु का सबसे बड़ा कारण माना गया है। देश में हर साल 16.70 लाख शिशुओं की मौतें होती हैं जिसमें एक बड़ा हिस्सा वायु प्रदूषण के कारण होने वाली मौतों का है।

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रिपोर्ट के अनुसार भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान और नेपाल समेत दक्षिण एशियाई देश वर्ष 2019 में पीएम 2.5 के उच्चतम स्तर के मामले में शीर्ष 10 में रहे हैं। इन सभी देशों में वर्ष 2010 से 2019 के बीच आउटडोर पीएम 2.5 के स्तर में बढ़ोतरी देखी गई।

शिशुओं के लिए पहला महीना सर्वाधिक जोखिम वाला
रिपोर्ट के अनुसार नवजात शिशुओं का पहला महीना उनकी जिंदगी का सबसे जोखिम भरा होता है, मगर आईसीएमआर के हालिया अध्ययनों समेत विभिन्न देशों से प्राप्त वैज्ञानिक प्रमाण यह संकेत देते हैं कि गर्भावस्था के दौरान वायु प्रदूषण के संपर्क में आने से बच्चे का वजन कम होता है। समय से पहले जन्म लेने की घटनाएं भी इससे बढ़ रही हैं। यह दोनों ही स्थितियां शिशुओं की मृत्यु से जुड़ी हैं।

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ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ा
खाना पकाने के लिए ठोस ईंधन का इस्तेमाल हालांकि कुछ कम हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार भारत में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना तथा अन्य कार्यक्रमों की वजह से स्वच्छ ऊर्जा तक पहुंच बनाने में नाटकीय ढंग से विस्तार हुआ है। खासतौर से ग्रामीण इलाकों में इसका खासा असर देखा जा रहा है। हाल ही में नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम ने विभिन्न शहरों और देश के कई राज्यों में वायु प्रदूषण के स्रोत के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2010 से अब तक घरेलू वायु प्रदूषण के संपर्क में आने वाले लोगों की संख्या में 5 करोड़ से ज्यादा की कमी आई है।

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  • Web Title:Air pollution killed 1 lakh 16 thousand newborns in country last year India among 10 countries with highest PM-2 5 level