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शशिकला के संन्यास से AIADMK और बीजेपी को तमिलनाडु में होगा फायदा, जानें कैसे?

लाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Mrinal Sinha
Fri, 05 Mar 2021 09:51 AM
शशिकला के संन्यास से AIADMK और बीजेपी को तमिलनाडु में होगा फायदा, जानें कैसे?

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य में बड़ा सियासी घटनाक्रम उस वक्त देखने को मिला, जब  AIADMK की पूर्व प्रमुख वी के शशिकला के राजनीति से सन्यास लेने की खबर ने सबको चौंका दिया। हालांकि, शशिकला के इस फैसले को अब सियासी लाभ-हानि की नजर से देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि शशिकला के सन्यास लेने के फैसले से AIADMK को ही फायदा होगा, वहीं शशिकला के भतीजे और अम्मा मक्कल मुनेत्र कज़गम (AMMK) नेता टीटीवी धिनकरन के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। 

भूतपूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत जे. जयललिता की सबसे करीबी सहयोगी मानी जाने वालीं शशिकला ने एक प्रेस रिलीज में- दिनाकरण के दावों से उलट, कहा था कि वे AIADMK की महासचिव नहीं हैं। दिनाकरण ने कहा था कि वे लोग शशिकला को पार्टी से निष्कासित किए जाने को कानूनी तौर पर चुनौती देने का इरादा रखते हैं।  एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, राजनीति से दूर रहने के फैसले के बाद से शशिकला की स्थिति नैतिक आधार पर बेहतर हुई है। इसके अलावा 6 अप्रैल को होने जा रहे चुनाव में उन्होंने AIADMK के हाथ में सत्ता बनी रहने की 'प्रार्थना' करने की बात भी कही है।

उन्होंने बहुत स्पष्ट रूप से अपने फैसले के कारणों का ज़िक्र किया है और कहा है कि चुनाव से पहले AIADMK को एकजुट रहना होगा, ताकि पार्टी जयललिता के बाद भी सत्ता में बनी रह सके। उन्होंने बयान में लिखा, "मैं कभी किसी उपाधि, पद या सत्ता के लिए लालायित नहीं रही... मै राजनीति से दूर रहूंगी, और 'अक्का' (बड़ी बहन) तथा परमात्मा से प्रार्थना करूंगी कि AIADMK का शासन बरकरार रहे..."

एनडीटीवी ने सूत्रों के हवाले से कहा कि मुख्यमंत्री ई के. पलानीस्वामी बार-बार ज़ोर देकर कहते रहे हैं कि शशिकला के लिए पार्टी के दरवाज़े बंद हो चुके हैं। हालांकि, ऐसा बताया जा रहा है कि शशिकला को पार्टी में रखना है या नहीं, इसके फैसले के लिए भाजपा ने पलानीस्वामी और उपमुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम पर छोड़ रखा था। यहां यह भी ध्यान देना होगा कि जब से शशिकला जेल से बाहर आई हैं, वह पलानीस्वामी या उनकी आलोचना करने वाले किसी भी AIADMK नेता के खिलाफ नकारात्मक टिप्पणी करने से बचती दिखी हैं। उन्होंने कई ऐसे बयान दिए हैं, जिनसे पता चलता है कि वह पार्टी को खुद या खुद की महत्वाकांक्षाओं से ऊपर रखती हैं।

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