बदलते समय में एआई जरूरी पर इसपर निर्भर होना नुकसानदेह

हिन्दुस्तान, गढ़वा
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जिला मुख्यालय स्थित बीएसकेडी स्कूल में हिन्दुस्तान की ओर से आयोजित ओलंपियाड स्कूल संवाद कार्यक्रम में शामिल विभिन्न स्कूलों के पदाधिकारी व शिक्षक गढ़वा

बदलते समय में एआई जरूरी पर इसपर निर्भर होना नुकसानदेह

बदलते समय में एआई जरूरी पर इसपर निर्भर होना नुकसानदेह

फोटो ओपी एक: जिला मुख्यालय स्थित बीएसकेडी स्कूल में हिन्दुस्तान की ओर से आयोजित ओलंपियाड स्कूल संवाद कार्यक्रम में शामिल विभिन्न स्कूलों के पदाधिकारी व शिक्षक

एआई का महत्व

गढ़वा, प्रतिनिधि। वर्तमान समय के साथ आधुनिक तकनीक को अपनाकर ही आगे बढ़ा जा सकता है। नई तकनीक बच्चों के स्किल डेवलपमेंट में कारगर साबित होगी। एआई जैसी नई तकनीक से बच्चों के जुड़ने से उनकी बौद्धिक क्षमता का विकास होगा। आज के समय में एआई जरूरी है लेकिन इस पर निर्भर रहना काफी नुकसानदेह है। डिजिटल युग में पढ़ाई से लेकर हर क्षेत्र में एआई तेजी से उभर रहा है। ऐसे में नई तकनीक के प्रति स्कूलों में शिक्षक व छात्रों का रूझान बढ़ रहा है। लेकिन एआई पर अत्यधिक निर्भरता बच्चों की रचनात्मकता, संवेदनशीलता और स्वयं सोचने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है। हालांकि एआई शिक्षा, संसाधन विकास और रोजगार के नए अवसरों के लिए महत्वपूर्ण कड़ी भी है। उक्त बातें हिन्दुस्तान ओलंपियाड के तत्वावधान में बुधवार को गढ़वा शहर के बीएसकेडी स्कूल के सभागार में आयोजित स्कूल संवाद कार्यक्रम में उभर कर सामने आई। शहर के विभिन्न स्कूलों के निदेशक और प्राचार्यो ने संवाद कार्यक्रम में बेबाकी से अपने-अपने विकचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि हिन्दुस्तान ओलंपियाड छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सशक्त मंच प्रदान कर रहा है। उससे बच्चों को अपना कैरियर बनाने में काफी सहूलियत होगी। बच्चों में शुरूआती तैयारी के प्रति जज्बा पैदा करने के लिए ओलंपियाड की बड़ी भूमिका होगी। संवाद कार्यक्रम में मोबाईल फोन और एआई से होने वाले नुकसान पर भी चर्चा की गई। उसमें बताया गया कि एआई से होने वाले फायदा को ही अपनाएं जबकि नाकारात्मक बातों से दूरी बनाएं। शॉर्टकट के चक्कर में बच्चे स्वयं सोचने की क्षमता को समाप्त नहीं करें। लोगों ने कहा कि आने वाला समय में एआई के बिना काम नहीं होगा। लेकिन इसका यह मतलब बिलकुल भी नहीं है कि लोग पूरी तरह एआई पर ही निर्भर हो जाएं। आनेवाला समय में एआई हर क्षेत्र में सहायक साबित होगा लेकिन यह मानकर पूरी तरह एआई पर ही निर्भर होना ठीक नहीं है।:::::बोले विशेषज्ञ:::::

विशेषज्ञों की राय

बॉक्स::नई तकनीक बच्चों के स्किल डेवलपमेंट में कारगर साबित हो सकती है लेकिन इसका उपयोग बच्चे कितना सकारात्मक कर रहे हैं, ये महत्वपूर्ण बात है। एआई का उपयोग वहां पर किया जाए, जहां परेशानी होती है। आसान कामों में भी एआई का प्रयोग करना नुकसानदेह साबित होगा। अलखनाथ पांडेय, अध्यक्ष, जिला पब्लिक स्कूल समन्वय समिति

::बॉक्स::एआई जैसी नई तकनीक से बच्चों के जुड़ने से उनकी बौद्धिक क्षमता का विकास होगा। डिजिटल युग में पढ़ाई से लेकर हर क्षेत्र में एआई तेजी से उभर रहा है। लेकिन एआई पर अधिक निर्भर हो जाना ठीक नहीं है। अमित तिवारी, प्राचार्य, बीएनटी संतमैरी स्कूल गढ़वा।

::बॉक्स::आज के समय में एआई का उपयोग आवश्यक हो गया है। लेकिन एआई का उपयोग सिर्फ लाभ वाले चीजों में ही किया जाए। हर समय और हर जगह एआई का प्रयोग करने पर नुकसानदेह साबित होगा। खासकर बच्चे एआई पर ही निर्भर नहीं रहें बल्कि किताबों का अध्ययन करें। रौशन, शिक्षक

::बॉक्स::सोशल मीडिया और मोबाईल फोन का उपयोग करने वाले लोग एआई से परिचित हो चुके हैं। एआई हमारे जीवन को आसान बनाता है। एआई हमसे अधिक किसी भी क्षेत्र में एब्जर्व करने की क्षमता अधिक रखता है। एआई हमसे अधिक अर्ब्जवेशन पावर रखता है। लेकिन इससे मनुष्य का क्रिएविटी भी खत्म हो रहा है। मनीष, शिक्षक

::बॉक्स::मानव-जीवन के हर कालखंड में अच्छे और बुरे प्रभाव रहते है। वर्तमान समय में उसी के अनुरूप एआई भी है। एआई नेचुरल लाइफ को डेविएट कर रहा है। लोगों में मेहनत करने की टेंडेसी कम हो रही है। नेचुरल ग्रो कम हो रहा है। एसएन पाठक, निदेशक टेंडर हार्ट स्कूल

::बॉक्स::आने वाला समय में एआई के प्रयोग के बिना काम करना मुश्किल होगा। एआई का लाभ और हानि दोनों है लेकिन अनुशासन में रहकर एआई का प्रयोग किया जा सकता है। जब कोई नया प्रयोग शुरू होता है तो, लोगों को उसके दुष्यप्रभाव से डर भी होता है। एआई से नौकरी जाने का डर है, तो उसी अनुरूप नौकरी आएगी भी। संजय सोनी, निदेशक बीएसकेडी

::बॉक्स::सभी कालखंड के दौर में अच्छे और बुरे प्रभाव पड़ा है। एआई के इस दौर में भी इसका लाभ व हानि दोनों है। बच्चों को एआई का प्रयोग लाभ वाले क्षेत्रों में करना चाहिए। इस तरह के टॉपिक पर हिन्दुस्तान की ओर से आयोजित कार्यक्रम से सभी को लाभ होगा। एमपी केशरी, निदेशक ज्ञान निकेतन कॉन्वेंट स्कूल

छात्रों की सहभागिता

::बॉक्स:::बच्चों ने पूछे रोचक प्रश्न

संवाद कार्यक्रम के दौरान कई छात्र-छात्राओं ने एआई के प्रयोग से होने वाले लाभ और नुकसान के बारे में विशेषज्ञों से रोचक प्रश्न पूछे। स्कूल के निदेशक और प्राचारयो ने बच्चों को बड़े ही तार्किक तरीका से बच्चों के सवालों का जबाव देकर संतुष्ट किया। सवाल पूछने वालों में बीएसकेडी की छात्रा शशि कुमारी, नदीम और परी कुमारी सहित अन्य छात्र-छात्राएं शामिल थी। मौके पर बीएसकेडी स्कूल के वरिष्ठ शिक्षक राजीव रंजन चौधरी सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।

सामान्य प्रश्न

✦एआई का बच्चों की शिक्षा पर क्या प्रभाव पड़ता है?−
एआई बच्चों के स्किल डेवलपमेंट में मददगार हो सकता है, लेकिन इससे उनकी रचनात्मकता, संवेदनशीलता और सोचने की क्षमता पर निर्भरता बढ़ सकती है।
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