एआई मॉडल सुरंग निर्माण में हादसे और भू-धंसाव रोकेगा
भाषा विश्वविद्यालय के डॉ. आयुष कुमार ने सुरंग सुरक्षा के लिए एक एआई मॉडल विकसित किया है। यह मॉडल मेट्रो रेल और जलविद्युत परियोजनाओं में भू-धंसाव जैसी चुनौतियों का समाधान करेगा। यह शोध अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हुआ है और इसे जियोटेक्निकल इंजीनियरिंग में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

भाषा विश्वविद्यालय के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के डॉ. आयुष कुमार ने सुरंग सुरक्षा और भू-धंसाव आदि गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए एक वैज्ञानिक मॉडल विकसित किया है। यह एआई मॉडल मेट्रो रेल, रेलवे, एक्सप्रेस-वे, जलविद्युत परियोजनाओं में उपयोगी साबित हो सकता है। यह शोध प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नल ऑफ माउंटन सांइस में प्रकाशित हुआ है। इसे भूमिगत संरचनाओं और जियोटेक्निकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। डॉ. आयुष कुमार का विकसित परफॉर्मेंस-बेस्ड टनल सपोर्ट डिजाइन मॉडल सुरंगों की गहराई, भूगर्भीय परिस्थितियों तथा सतह पर मौजूद संरचनाओं को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित और किफायती सुरंग की परत की मोटाई का निर्धारण करता है।
यह मॉडल एआई, मशीन लर्निंग और एडेप्टिव फाइनाइट एलिमेंट लिमिट एनालिसिस तकनीक का उपयोग कर निर्माण शुरू होने से पहले संभावित भू-जोखिमों का आकलन करने में सक्षम है। इससे सुरंग दुर्घटनाओं, भूमि धंसाव और आर्थिक नुकसान की आशंका को कम किया जा सकता है।डॉ. आयुष ने बताया कि यह शोध मेट्रो रेल, रेलवे, एक्सप्रेस-वे, जलविद्युत परियोजनाओं, भूमिगत यूटिलिटी कॉरिडोर तथा स्मार्ट सिटी जैसी परियोजनाओं में सुरक्षित और टिकाऊ अवसंरचना निर्माण के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। विवि के कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने डॉ. आयुष कुमार को बधाई देते हुए कहा कि इससे विश्वविद्यालय की अनुसंधान उत्कृष्टता को वैश्विक पहचान मिलेगी।


