सीएसजेएमयू तैयार, एआई मंथन में आज जुटेंगे देशभर के विशेषज्ञ
कानपुर में सीएसजेएमयू में दो दिवसीय एआई मंथन 2.0 का आयोजन किया जा रहा है, जहां देशभर के विशेषज्ञ शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और शासन में एआई के योगदान पर चर्चा करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी। इसमें IIT, AIIMS, Google और IBM के विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो नई तकनीकी संभावनाओं पर प्रकाश डालेंगे।

कानपुर। एआई मंथन 2.0 के लिए छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) तैयार है। जनभवन की देखरेख में सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं। शनिवार से दो दिवसीय एआई मंथन में देशभर के विशेषज्ञ जुटेंगे, जो एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और शासन की दिशा बदलने के माध्यम पर मंथन करेंगे। इसमें आईआईटी, एम्स, गूगल, आईबीएम समेत देशभर के शिक्षाविद, वैज्ञानिक, चिकित्सक और उद्योग विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश की राज्यपाल व कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल करेंगी। दो दिवसीय मंथन में आईआईटी खड़गपुर के प्रो. पार्थ प्रतिम चक्रवर्ती शिक्षा और शोध में एआई के बढ़ते प्रभाव पर जानकारी देंगे।
आईएएस अमृत त्रिपाठी एआई के दौर में जरूरी नए कौशल और शिक्षा व्यवस्था पर, अपर मुख्य सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स आलोक कुमार उत्तर प्रदेश को एआई सक्षम बनाने की संभावनाएं पर जानकारी जानकारी देंगे। दूसरे दिन बिट्स पिलानी के कुलपति प्रो. वी रामगोपाल राव विकसित भारत में विवि की भूमिका, आईआईटी मंडी के डॉ. अमित शुक्ला एआई आधारित रोबोटिक्स और ड्रोन जैसे क्षेत्रों की संभावनाओं पर बात करेंगे। एम्स नई दिल्ली की प्रो. कृतिका रंगराजन स्तन कैंसर में एआई के इस्तेमाल पर चर्चा करेंगी। आईआईटी रोपड़ के डॉ. मुकेश सैनी कृषि और फसल आंकड़ों के विश्लेषण में एआई मॉडलिंग की संभावनाएं बताएंगे। गूगल के सौरभ राजपाल उच्च शिक्षा में तकनीकी बदलाव और रोजगार क्षमता, जबकि आईबीएम के विशाल चहल सुरक्षित और आत्मनिर्भर एआई व्यवस्था पर विचार रखेंगे।


