डिफेंस सेक्टर में एआई पर मानव नियंत्रण जरूरी
कानपुर में बिट्स पिलानी समूह के कुलपति प्रो. वी रामगोपाल राव ने कहा कि डिफेंस सेक्टर में एआई का बढ़ता प्रयोग आवश्यक है, लेकिन मानव नियंत्रण और जवाबदेही बेहद जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि शक्तिशाली एआई प्रणालियाँ मानव निगरानी के बिना खतरनाक हो सकती हैं और इसके विकास में नैतिकता को प्राथमिकता देनी चाहिए।

कानपुर। डिफेंस सेक्टर में एआई का प्रयोग तेजी से बढ़ा है जो वर्तमान व भविष्य की जरूरत भी है लेकिन उस पर मानव नियंत्रण और जवाबदेही जरूरी है। यह जानकारी बिट्स पिलानी समूह के कुलपति प्रो. वी रामगोपाल राव ने दी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अत्यधिक शक्तिशाली एआई प्रणालियों को बिना पर्याप्त मानवीय निगरानी के संचालित होने दिया गया, तो यह भविष्य में बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। प्रो. राव ने कहा कि एआई के विकास को केवल तकनीकी उपलब्धि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसके साथ नैतिकता, सुरक्षा, जवाबदेही और मानव नियंत्रण को भी प्राथमिकता देनी चाहिए।
देश के लिए एआई के क्षेत्र में आगे बढ़ना जितना जरूरी है, उतना ही आवश्यक है कि इस तकनीक का विकास मानवता के हित और जिम्मेदारी के साथ किया जाए। क्योंकि, इसका सकारात्मक के साथ नकारात्मक प्रयोग भी संभव है। भविष्य में अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल जैविक हथियारों जैसे खतरनाक साधनों के निर्माण में भी किया जा सकता है। यदि ऐसी तकनीकों पर उचित नियंत्रण नहीं रहा तो इसका प्रभाव पूरी दुनिया के लिए गंभीर हो सकता है। प्रो. राव ने कहा कि अमेरिका की तुलना में भारत अभी काफी पीछे है। देश को एआई के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए बड़े स्तर पर निवेश, शोध और अत्याधुनिक तकनीकी ढांचे की आवश्यकता है।


