उपस्थिति के सबूत में आए एआई से बने फर्जी मेमो
बीआरए बिहार विवि में परीक्षा में उपस्थिति का एआई से बना फर्जी मेमो जमा करने का मामला सामने आया है। विवि के परीक्षा विभाग की जांच में गड़बड़ी का पता चला है। सभी छात्रों के मेमो की कड़ाई से जांच की जा रही है। कॉलेज कर्मियों की मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है।

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। बीआरए बिहार विवि में परीक्षा में उपस्थिति का एआई से बना फर्जी मेमो जमा करने का मामला सामने आया है। विवि के परीक्षा विभाग की जांच में इस गड़बड़ी का पता चला है। ऐसे में विभाग सभी छात्रों के मेमो की कड़ाई से जांच कर रहा है।
छात्रों के निर्देश
बीआरएबीयू में इस समय पुराने पेंडिंग रिजल्ट को ठीक किया जा रहा है। इस सिलसिले में छात्रों को निर्देश दिया गया है कि अगर किसी का नंबर रिजल्ट पर नहीं चढ़ा हो तो वह परीक्षा केंद्र से उपस्थिति का मेमो लेकर और उसे फॉरवार्ड कराकर परीक्षा विभाग में जमा कराएं। इसके बाद काफी संख्या में छात्रों ने विभाग में उपस्थिति मेमो जमा किया है। सूत्रों ने बताया कि कई छात्रों की उपस्थिति मेमो की जांच में यह सामने आया है कि वह फर्जी और एआई से बनाया गया है।
कॉलेज के प्राचार्यों की प्रतिक्रिया
कॉलेज के प्राचार्यों से जब ऐसी उपस्थिति मेमो के बारे में पूछा गया तो बताया कि उनके यहां से ऐसे मेमो जारी नहीं किए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, फर्जी उपस्थिति मेमो बनाने में कॉलेज कर्मियों की मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है। ऐसे में परीक्षा विभाग ने आने वाले मेमो पर सख्ती बरतनी शुरू कर दी है।
परीक्षा नियंत्रक का बयान
परीक्षा नियंत्रक प्रो. राम कुमार का कहना है कि इस मामले की अभी जांच की जा रही है। बीआरएबीयू में बीते कई सत्रों के रिजल्ट को ठीक कराने के लिए सभी छात्रों को आवेदन अपने कॉलेज में जमा करने को कहा गया है। कॉलेज के प्राचार्यों को भी निर्देश दिया गया है कि वे सभी आवेदनों की जांच करने के बाद ही उसे विवि भेजें। बीआरएबीयू के सैकड़ों छात्रों की शिकायत है कि परीक्षा देने के बाद भी उन्हें परीक्षा से अनुपस्थित कर दिया गया। छात्रों ने इसकी शिकायत छात्र संवाद में भी की थी।
स्क्रूटनी कमेटी की बैठक
बीआरएबीयू में मार्च से स्क्रूटनी कमेटी की बैठक नहीं हुई है। स्क्रूटनी कमेटी की बैठक नहीं होने से जिन छात्रों ने आरटीआई से कॉपी निकालने के बाद रीटोटलिंग या फिर से कॉपी जांच का आवेदन दिया है, उस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। दर्जनों छात्रों का रिजल्ट स्क्रूटनी कमेटी की बैठक नहीं होने से अटका हुआ है। पिछले दिनों छात्र संवाद में भी कई छात्र स्क्रूटनी कमेटी की बैठक नहीं होने और रिजल्ट ठीक नहीं होने की शिकायत लेकर पहुंचे थे। परीक्षा नियंत्रक प्रो. राम कुमार का कहना है कि एक अगस्त को स्क्रूटनी कमेटी की बैठक होने की उम्मीद है।


