चलते-चलते-- बिना सीना चीरे एआई ने दिल का छेद बंद किया

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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चीन के डॉक्टरों ने पहली बार बिना सीना चीरे दिल का छेद बंद करने में एआई की मदद से सफलता हासिल की है। यह प्रक्रिया दुनिया में अपनी तरह का पहला सफल मामला है। मरीज पूरी तरह स्वस्थ है और एआई ने सर्जरी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

चलते-चलते-- बिना सीना चीरे एआई ने दिल का छेद बंद किया

बीजिंग, एजेंसी। चीन की डॉक्टरों ने पहली बार बिना सीना चीरे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से दिल का छेद बंद करने में सफलता पाई है। इस प्रक्रिया को दुनिया में अपनी तरह का पहला सफल मामला बताया जा रहा है। डॉक्टरों ने बताया कि छाती खोलकर ऑपरेशन करने के बजाय एक पतली और लचीली ट्यूब यानी कैथेटर को नस के रास्ते दिल तक पहुंचाया गया। इसमें मदद की एआई से चलने वाले अल्ट्रासाउंड रोबोट ने। यह खास रोबोट अल्ट्रासाउंड के जरिए दिल की तस्वीरें हासिल लेता है, समस्या वाले हिस्से को पहचानता है और कैथेटर को सही दिशा में ले जाने में मदद करता है। इसके जरिए डॉक्टरों को लाइव जानकारी मिलती रही। सर्जरी के बाद 48 साल का मरीज पूरी तरह स्वस्थ है。

लाइव तस्वीरों पर करता है काम

इस सिस्टम की खासियत है कि अल्ट्रासाउंड से जैसे-जैसे नई तस्वीरें मिलती हैं, एआई उनका विश्लेषण करता है। उसी के आधार पर यह रोबोट की गतिविधियों को नियंत्रित करने में मदद करता है। यह सिस्टम पहले से तय निर्देशों के अनुसार काम नहीं करता, बल्कि प्रक्रिया के दौरान मिलने वाली जानकारी के आधार पर फैसला लेता है।

डॉक्टरों ने रखी पैनी नजर

एआई की मदद के आधार पर मेडिकल टीम ने दिल में लगाए जाने वाले डिवाइस का सही आकार और स्थान तय किया और उसे सटीक तरीके से लगाया। विशेषज्ञों का कहना है कि एआई की मदद से सर्जरी की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित हो सकती है। डॉक्टरों का शारीरिक और मानसिक दबाव कम हो सकता है।

सामान्य प्रश्न

✦चीन के डॉक्टरों ने किस तकनीक की मदद से दिल का छेद बंद किया?−
चीन के डॉक्टरों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से दिल का छेद बंद किया।
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