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21 अक्तूबर, 2020|3:46|IST

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क्यों दिया इस्तीफा, कैसे सरकार को समझाने में रहीं विफल, अब आगे क्या होगा... पढ़ें कृषि बिलों पर हरसिमरत कौर बादल का बेबाक इंटरव्यू

harsimrat kaur badal

1 / 2Harsimrat Kaur Badal

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2 / 2Harsimrat Kaur Badal (Sanjeev Kumar/HT Photo)

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किसान से जुड़े तीन कृषि विधेयकों पर सड़क से लेकर संसद तक घमासान जारी है। मोदी सरकार में सहयोगी शिरोमणि अकाली दल की एक मात्र केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने इन बिलों के खिलाफ इस्तीफा दे दिया। आखिर उन्होंने मोदी कैबिनेट से इस्तीफा क्यों दिया? वह कैसे अपने कैबिनेट के सहयोगियों को पार्टी के स्टैंड को समझाने में असमर्थ रहीं, कांग्रेस का इस मुद्दे पर क्या स्टैंड है और उनका और उनकी पार्टी का अगल कदम क्या होगा, इन सभी मसलों पर हरसिमरत कौर बादल ने हिन्दुस्तान टाइम्स से बेबाक बातचीत की। तो चलिए पढ़तें है उनका पूरा इंटरव्यू....

सवाल: केंद्रीय मंत्रिमंडल से आपका इस्तीफा वास्तव में शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी के बीच गठबंधन के लिए क्या मायने रखता है?
जवाब
: ये पार्टी के उच्च-स्तरीय और कोर समिति से संबंधित मामले हैं। मैं केवल यह कह सकती हूं कि गठबंधन बरकरार है और मैं सरकार से बाहर हो गई हूं क्योंकि मैं अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों को अपने राज्य से संबंधित बहुत संवेदनशील मुद्दे पर समझाने में विफल रही हूं।

सवाल : क्या आपने कभी उम्मीद की थी कि यह मामला इतना बढ़ जाएगा और आप सरकार से बाहर आ जाएंगी?
जवाब
: मैं बहुत भाग्यशाली हूं कि मैं छह साल तक मोदी मंत्रिमंडल का हिस्सा रही। हमने पंजाब और यहां के लोगों के पक्ष में कई ऐतिहासिक फैसले लिए जैसे कि करतारपुर साहिब कॉरिडोर का उद्घाटन, काली सूची को खत्म करना, लंगर पर जीएसटी की छूट, दरबार साहिब के लिए विदेशी दान की अनुमति, सड़क के बुनियादी ढांचे, आईआईएम और बहुत कुछ। इससे भी अधिक मैं और कई चीजों का नाम ले सकती हूं। इसके लिए मैं वास्तव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आभारी हूं। लेकिन मुझे लगता है कि मैं सरकार को कृषि अध्यादेशों को लेकर किसानों की चिंता अथवा नाराजगी के बारे में समझाने में विफल रही। जब मुझे लगा कि सदन में पर्याप्त संख्याओं के कारण ये कृषि अध्यादेश पारित हो जाएंगे। मैंने अपने राज्य के किसानों के साथ खड़े होने का फैसला किया, क्योंकि वे डर गए हैं क्योंकि इन अध्यादेशों के कारण उनका भविष्य दांव पर है।

सवाल: जिस सरकार की आप हिस्सा थीं, उसे समाझाने में आप क्यों असफल रहीं?
जवाब
: मैं अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों को यह नहीं समझा सकी कि मेरे कृषि बिलों से संबंधित आशंकाएं देश के अन्य हिस्सों से भिन्न थीं। पंजाब में बिचौलिए फसल खरीद में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जो अन्य राज्यों में मामला नहीं हो सकता है। मैंने हर स्तर पर और हर मंच पर उनके मुद्दे को उठाया, लेकिन मैं उन्हें समझा नहीं सकी, इसलिए मैंने अपना दायित्व निभाया। इसके अलावा मुझे लगता है कि मैं शायद अकेली आवाज थी जो 100 फीसदी कृषि राज्य से थी। अध्यादेश बनाने वाले अधिकारी पंजाब को देश के बाकी हिस्सों से अलग ढंग से देखने में असमर्थ रहे।

सवाल: आपका अगला कदम क्या होगा?
जवाब
: यह मेरी पार्टी तय करेगी। मैं किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहूंगी और उन्हें न्याय दिलाने के लिए जो भी करने की जरूरत है, वह करूंगी।

सवाल : क्या आप उनके प्रदर्शन में शामिल होंगी?
जवाब
: अगर जरूरत पड़ी तो, हां।

सवाल: आपके विरोधियों का कहना है कि अध्यादेशों का समर्थन कर बुरी तरह फंसने के बाद अकाली दल ने अपना स्टैंड बदला है। 
जवाब
: इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मेरे विरोधी क्या कहते हैं। उन्हें पहले इस पर जवाब देने की आवश्यकता है कि उन्होंने पंजाब में एपीएमसी अधिनियम में संशोधन क्यों किया? क्यों 2017 और 2019 में कांग्रेस के घोषणापत्र में अध्यादेशों के समान कानून का वादा किया गया था? यह दोहरी बात क्यों? उन्होंने संसद में विरोध किया और पंजाब में लागू किया। भ्रष्ट कांग्रेस सरकार हम पर आरोप नहीं लगा सकती। 

सवाल: पंजाब में 18 महीने बाद यानी 2022 में विधान सभा चुनाव हैं और आप खुदको राज्य में किस भूमिका में देखती हैं?
जवाब
: पार्टी मुझे जो भूमिका देगी, मैं उसे सक्रिय रूप से निभाऊंगी। 
 

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  • Web Title:Agriculture ordinances News Farm Bill Harsimrat Kaur Badal says Failed to convince Modi govt about farmers grouse