कृषि वैज्ञानिकों ने सुझाए फल, सब्जी और नर्सरी प्रबंधन के गुर
काशीपुर में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने फल और सब्जी प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा की हैं। इसमें कीटों की सुरक्षा, नर्सरी की तैयारी और फफूंद जनित रोगों की रोकथाम पर ज़ोर दिया गया है। विशेष रूप से उच्च तापमान और उमस के कारण फफूंद और कीटों का प्रकोप बढ़ सकता है।

काशीपुर। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने आने वाले सीजन में फल और सब्जी प्रबंधन की जानकारी दी। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डा अनिल चंद्र ने बताया कि अगस्त माह में मैदानी जिलों ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार में मानसून का क्रम जारी रहता है।
जल निकासी प्रबंधन
लेकिन इसी के साथ उच्च तापमान और उमस भरी आद्रता बनी रहती है। बताया कि इस समय उद्यानों में जल निकासी प्रबंधन, अगेती सब्जियों की नर्सरी तैयारी, कीट व फफूंद जनित रोगों की रोकथाम तथा बागों की संवार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। डॉ चंद्र के अनुसार जल निकासी और बेसिक रखरखाव जरूरी है। अमरूद और नींबू वर्गीय बागों में कीटों व पक्षियों से फलों की सुरक्षा के लिए उचित उपाय करें। जुलाई में लगाए गए नए पोधो की थालों में निराई गुड़ाई करें। अगेती फूल, पत्ता गोभी की ऊंची उठी हुई क्यारियों पर नर्सरी की बुवाई करें।
फफूंद जनित रोगों की रोकथाम
सर्दियों में टमाटर, बैंगन, मिर्च के लिए नर्सरी तैयार करें। बागवानी विशेषज्ञ डॉ चन्द के अनुसार उच्च आद्रता और तापमान के कारण अगस्त माह में फफूंद जनित रोग और रस चूसने वाले कीटो का प्रकोप बढ़ सकता है। सर्दियों में फूल प्राप्त करने के लिए गेंदें की पौंध की रोपाई और गुलदाउदी की कटिंग लगाएं। गुलाब की झाड़ियों में कटाई और फंगस रोधी लेप लगाएं।


