नवप्रवेशी छात्रों को मिला प्राकृतिक खेती और कृषि नवाचार का पाठ
वाराणसी में यूपी कॉलेज के कृषि संकाय में बीएससी (ऑनर्स) कृषि के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए 'दीक्षारंभ' कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कृषि शिक्षा, व्यक्तित्व विकास और आधुनिक कृषि तकनीकों पर ध्यान दिया गया। मुख्य अतिथि प्रो. गुरुप्रसाद सिंह ने टिकाऊ खेती के महत्व पर जोर दिया।
वाराणसी। यूपी कॉलेज के कृषि संकाय में बीएससी (ऑनर्स) कृषि प्रथम सेमेस्टर के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए सोमवार को ‘दीक्षारंभ’ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की छठवीं डीन समिति की अनुशंसाओं के अनुरूप आयोजित एक सप्ताह के इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक परंपरा, कृषि शिक्षा, व्यक्तित्व विकास और आधुनिक कृषि तकनीकों से परिचित कराया गया। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के पूर्व निदेशक एवं कृषि विज्ञान केंद्र बरकछा के प्रधान वैज्ञानिक प्रो. गुरुप्रसाद सिंह ने कहा कि कृषि भारतीय संस्कृति की आधारशिला है। कृषि योग्य भूमि लगातार घट रही है, इसलिए टिकाऊ और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।
अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो. धर्मेन्द्र कुमार सिंह ने नवप्रवेशी छात्रों का स्वागत किया और महाविद्यालय की गौरवशाली विरासत से परिचित कराया। अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. मनीष कुमार सिंह ने छात्रवृत्ति एवं छात्र कल्याण योजनाओं की जानकारी दी। डॉ. देव नारायण सिंह और प्रो. प्रज्ञा पारमिता ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप नए कृषि पाठ्यक्रम, सेमेस्टर प्रणाली और मल्टीपल एंट्री-एग्जिट व्यवस्था की जानकारी दी। इस अवसर पर कृषि संकायाध्यक्ष प्रो. राघवेन्द्र प्रताप सिंह, प्रो. आलोक कुमार सिंह, प्रो. संजय शाही, प्रो. मयंक सिंह, प्रो. राकेश राय, डॉ. कुलभूषण आनंद, डॉ. शशिबाला, डॉ. श्याम बाबू वर्मा, डॉ. पुष्पराज शिवहरे, डॉ. अशोक कुमार सिंह, प्रो धर्मेन्द्र सिंह, डॉ. जितेन्द्र सिंह, डॉ. गौरव आदि मौजूद थे।


