खाद की कालाबाजारी पर घिरा कृषि विभाग
खरीफ मौसम के दौरान कृषि विभाग उर्वरक की कालाबाजारी के आरोपों का सामना कर रहा है। किसानों की शिकायतों के बाद कृषि पदाधिकारी ने विक्रेताओं की बैठक बुलाई। दुकानदारों को निर्धारित मूल्य पर खाद बेचने और रसीद देने का आदेश दिया गया। किसानों का मानना है कि केवल बैठक से समस्या का समाधान नहीं होगा।

खाद की कालाबाजारी पर घिरा कृषि विभाग शिकायतों के बाद बुलाई विक्रेताओं की बैठक करायपरसुराय, निज संवाददाता। खरीफ मौसम के बीच प्रखंड में उर्वरक की कथित कालाबाजारी को लेकर कृषि विभाग सवालों के घेरे में आ गया है।
किसानों की शिकायतें
किसानों की लगातार शिकायतों के बाद शुक्रवार को प्रखंड कृषि कार्यालय में प्रखंड कृषि पदाधिकारी निधिप्रिया ने उर्वरक विक्रेताओं की बैठक बुलाई। इसमें दुकानदारों को निर्धारित मूल्य पर ही खाद बेचने, मूल्य सूची प्रदर्शित करने तथा प्रत्येक बिक्री की रसीद देने का आदेश दिया।
विक्रेताओं के दाम
किसानों का आरोप है कि 266.50 रुपये प्रति बोरी वाली यूरिया 350 से 400 रुपये तथा करीब 1350 रुपये मूल्य वाला डीएपी 1850 से 2000 रुपये प्रति बोरी तक बेची जा रही है। लंबे समय से शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन विभागीय स्तर पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से कालाबाजारी जारी रही और उन्हें मजबूरी में अधिक कीमत चुकानी पड़ी।
समस्या का समाधान
इधर किसानों का कहना है कि केवल बैठक और चेतावनी से समस्या का समाधान नहीं होगा। उनका मानना है कि नियमित छापेमारी, स्टॉक का सत्यापन, बिक्री रजिस्टर की जांच तथा दोषी विक्रेताओं के लाइसेंस पर कार्रवाई होने के बाद ही स्थिति सुधरेगी। जानकारी के अनुसार प्रखंड में 23 लाइसेंसधारी उर्वरक विक्रेता हैं और करीब 300 मीट्रिक टन यूरिया का स्टॉक उपलब्ध है। बावजूद किसानों को निर्धारित मूल्य पर खाद नहीं मिल रहे हैं। (करायपरसुराय से पवन कुमार)


