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4 मार्च, 2021|8:12|IST

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दिल्ली हिंसा के बाद दो किसान संगठनों ने खत्म किया आंदोलन, राकेश टिकैत पर लगाए गंभीर आरोप

दिल्ली में किसान परेड के दौरान उपद्रवियों द्वारा की गई हिंसा के बाद आंदोलनों को खत्म किया जाने लगा है। दो किसान संगठनों ने नए कृषि कानूनों के खिलाफ हो रहे आंदोलन को वापस लेने का ऐलान किया है। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन और भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने गाजीपुर और नोएडा बॉर्डर पर चल रहे प्रदर्शन को वापस ले लिया। इसके साथ भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत पर गंभीर आरोप भी लगाए। किसान मजदूर संगठन के नेता वीएम सिंह ने कहा कि हम लोगों को पिटवाने के लिए यहां नहीं आए हैं। देश को हम बदनाम नहीं करना चाहते हैं। वीएम सिंह ने कहा कि राकेश टिकैत ने एक भी मीटिंग में गन्ना किसानों की मांग नहीं उठाई।

देश के 72वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर मंगलवार को विभिन्न किसान संगठनों ने दिल्ली की सीमाओं से किसान ट्रैक्टर परेड निकाली थी। यह परेड आगे जाकर हिंसक घटनाओं में तब्दील हो गई थी। कई किसानों की परेड तो तय रूट पर गई थी, लेकिन कई किसान दिल्ली में उन जगहों पर ट्रैक्टर लेकर चले गए थे, जिनकी अनुमति नहीं मिली थी। इस दौरान, किसानों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस छोड़े थे। उपद्रवियों ने काफी देर तक लालकिले में भी हुड़दंग मचाया था।

दिल्ली में हिंसक घटनाओं के बाद किसान नेता वीएम सिंह ने बुधवार को कहा, ''हम किसी ऐसे व्यक्ति (राकेश टिकैत) के साथ विरोध को आगे नहीं बढ़ा सकते, जिसकी दिशा कुछ और हो। इसलिए, मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं, लेकिन वीएम सिंह और अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति इस विरोध को तुरंत वापस ले रही है।'' सिंह ने कहा कि सरकार की भी गलती है, जब कोई 11 बजे की जगह 8 बजे निकल रहा है तो सरकार क्या कर रही थी। जब सरकार को पता था कि लाल किले पर झंडा फहराने वाले को कुछ संगठनों ने करोड़ों रुपये देने की बात की थी।   

वहीं, बीकेयू (भानु) के अध्यक्ष ठाकुर भानू प्रताप सिंह ने कहा कि दिल्ली में जो कुछ भी कल हुआ, उससे मैं काफी आहत हूं और हम अपना 58 दिन पुराना आंदोलन खत्म कर रहे हैं।

'उकसाने वाले के खिलाफ की जाए कार्रवाई'
गाजीपुर बॉर्डर पर पिछले काफी दिनों से आंदोलन कर रहे वीएम सिंह ने आईटीओ पर मरने वाले किसान के बारे में भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने उसे उकसाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। सिंह ने कहा, ''हिन्दुस्तान का झंडा, गरिमा, मर्यादा सबकी है। उस मर्यादा को अगर भंग किया है, भंग करने वाले गलत हैं और जिन्होंने भंग करने दिया, वह भी गलत हैं। आईटीओ में एक साथी शहीद भी हो गया। जो लेकर गया या जिसने उकसाया उसके खिलाफ पूरी कार्रवाई होनी चाहिए।''

हिंसा को लेकर राकेश टिकैत के खिलाफ एफआईआर
दिल्ली पुलिस ने गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में हुई हिंसा के सिलसिले में किसान नेता राकेश टिकैत और अन्य के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने 200 लोगों को हिरासत में लिया है और हिंसा के सिलसिले में अब तक 22 प्राथमिकी दर्ज की हैं। हिंसा में 300 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गये थे। टिकैत ने उनके खिलाफ मामला दर्ज होने के बारे में पूछे जाने पर कहा कि किसी भी किसान नेता के खिलाफ प्राथमिकी देश के किसानों के खिलाफ प्राथमिकी है।

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  • Web Title:After the Delhi violence 2 farmers organizations announced to withdraw the kisan andolan protest serious allegations against Rakesh Tikait