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9 अप्रैल, 2021|11:44|IST

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पैंगोंग के बाद अन्य इलाकों से भी चीनी सैनिकों के लौटने की उम्मीद: भारत

india-china standoff

भारत ने पैंगोंग के बाद अन्य गतिरोध वाले इलाकों में चीन से सैनिकों की वापसी सुनिश्चित करने पर काम करने की उम्मीद जताई है। भारत ने पूर्वी लद्दाख गतिरोध के मुद्दे पर शुक्रवार को कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि चीन राजनयिकों एवं सैन्य कमांडरों के बीच मौजूदा संवाद तंत्र के माध्यम से सैनिकों की वापसी सुनिश्चित करने के लिए पूर्वी लद्दाख में शेष इलाकों से सैनिकों को पीछे हटाने की प्रक्रिया पूरी करेगा ताकि दोनों पक्ष अपने बलों को पीछे हटा सके।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों की सेनाओं ने पैंगोंग सो झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारे पर सैनिकों को हटाने की प्रक्रिया हाल ही में पूरी की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्ताव ने प्रेस वार्ता में कहा कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पिछले सप्ताह ही चीनी विदेश मंत्री वांग यी से बातचीत की थी और हॉटलाइन स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की थी।

उन्होंने कहा,''हमारी उम्मीद है कि चीनी पक्ष भारत-चीन सीमा मुद्दों पर विचार विमर्श एवं सहयोग तंत्र (डब्ल्यूएमसीसी) और वरिष्ठ कमांडर स्तर पर बैठकों में हमारे साथ काम करे ताकि शेष क्षेत्रों से सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जा सके।'' वक्ता ने कहा, ''इससे दोनों पक्षों के लिए पूर्वी लद्दाख में अपने बलों को पीछे हटाना सुगम होगा क्योंकि इससे ही शांति बहाल हो सकेगी और हमारे द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति के लिए माहौल बन सकेगा।''

दोनों देशों के सैनिक पीछे हटे थे
गौरतलब है कि दोनों देशों की सेनाओं ने पूर्वी लद्दाख में कई महीने तक जारी गतिरोध के बाद उत्तरी और दक्षिणी पैंगोंग क्षेत्र से अपने-अपने सैनिकों एवं हथियारों को पीछे हटा लिया था। हालांकि कुछ मुद्दे अभी बने हुए हैं। समझा जाता है कि बातचीत के दौरान भारत ने गोगरा, हाट स्प्रिंग, देपसांग जैसे क्षेत्रों से भी तेजी से पीछे हटने पर जोर दिया था।

जयशंकर और वांग यी ने की थी बात
विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने पिछले सप्ताह करीब 75 मिनट तक टेलीफोन पर बात की थी। जयशंकर ने वांग से कहा था कि द्विपक्षीय संबंधों के विकास के लिए सीमा पर शांति एवं स्थिरता जरूरी है। दोनों नेताओं ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा और भारत चीन संबंधों के सम्पूर्ण आयामों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की थी। जयशंकर ने वांग से कहा था कि गतिरोध वाले सभी स्थानों से सैनिकों को हटाने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों पक्ष क्षेत्र से सैनिकों की पूर्ण वापसी और अमन-चैन बहाली की दिशा में काम कर सकते हैं।

बीस फरवरी को कोर कमांडर स्तर की बैठक हुई थी
बीस फरवरी को मोल्दो,चुशूल सीमा पर चीनी हिस्से पर चीन-भारत कोर कमांडर स्तर की बैठक का 10वां दौर आयोजित किया गया था। रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, इसमें दोनों पक्षों ने पैंगोंग सो झील क्षेत्र में अग्रिम फौजों की वापसी का सकारात्मक मूल्यांकन किया था। सीमा पर शांति और स्थिरता को द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति के लिए जरूरी बताते हुए भारत ने चीन से कहा था कि पूर्वी लद्दाख में सैनिकों की पूर्ण वापसी की योजना पर अमल के लिए यह जरूरी है कि टकराव वाले बाकी सभी इलाकों से सैनिकों को हटाया जाए।

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  • Web Title:After Pangong troops expected to return from other areas as well: India