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मोदी कैबिनेट में फेरबदल के बाद अब संगठन को नया आकार देने की तैयारी में भाजपा, जानें कहां-कहां खाली हैं पद

विशेष संवाददाता ,नई दिल्लीPublished By: Shankar Pandit
Sun, 11 Jul 2021 05:38 AM
Modi Shah Nadda
1 / 2Modi Shah Nadda
JP NADDA PM NARENDRA MODI
2 / 2JP NADDA PM NARENDRA MODI

केंद्र सरकार में फेरबदल के बाद जल्द ही भाजपा के केंद्रीय संगठन में प्रमुख नई समितियों के गठन के साथ कुछ नई नियुक्तियां की जा सकती हैं। इनमें केंद्रीय संसदीय बोर्ड, केंद्रीय चुनाव समिति और राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन शामिल है। साथ ही राष्ट्रीय पदाधिकारियों के रिक्त पदों पर भी नियुक्तियां किए जाने की संभावना है। भाजपा में केंद्रीय स्तर पर सरकार और संगठन में बदलावों का काफी समय से इंतजार किया जा रहा था। अब जबकि केंद्रीय मंत्री परिषद का व्यापक विस्तार और फेरबदल किया जा चुका है, तब संगठन को भी नए सिरे से आकार दिया जा सकता है।

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को राष्ट्रीय अध्यक्ष की कमान संभाले डेढ़ साल का समय हो चुका है और अभी तक केवल केंद्रीय पदाधिकारियों की टीम बनाई जा सकी है। कोरोना काल के चलते संगठन में जरूरी बदलावों का काम भी प्रभावित हुआ है, लेकिन अब जल्दी ही केंद्रीय संसदीय बोर्ड, केंद्रीय चुनाव समिति और राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन कर लिया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, इसी महीने में नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित की जा सकती है। पार्टी की सर्वोच्च नीति निर्धारक संस्था केंद्रीय संसदीय बोर्ड में भी कई रिक्तियां हो चुकी हैं, उसका पुनर्गठन करना अभी जरूरी हो गया है। 11 सदस्यीय बोर्ड में अभी अध्यक्ष जेपी नड्डा के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व महासचिव संगठन बी एल संतोष सदस्य हैं। थावरचंद गहलोत के राज्यपाल बनने से एक जगह और खाली हो चुकी है। पूर्व में भी अरुण जेटली, सुषमा स्वराज और अनंत कुमार के निधन से हुई रिक्तियों को भरा नहीं गया था।

सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की चित्रकूट में हो रही बैठक के बाद भाजपा नेतृत्व संगठनात्मक स्तर पर कुछ नए फैसले ले सकता है। केंद्रीय पदाधिकारियों की टीम में भी कुछ रिक्तियां हैं, उनको भी भरा जाएगा। इनमें राष्ट्रीय महासचिव व उपाध्यक्ष के दो-दो पद रिक्त हैं। भूपेंद्र यादव के सरकार में जाने के बाद सरकार से हटाए गए नेताओं में से किसी को शामिल किए जाने की संभावना है, ताकि संगठन को भी मजबूती दी जा सके।

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