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4 मार्च, 2021|10:20|IST

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जीतन राम मांझी फिर मारेंगे पलटी? नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद RJD को दिया अल्टीमेटम

बिहार में विपक्षी दलों के महागठबंधन में शामिल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेताओं और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) के प्रमुख जीतन राम मांझी के बीच जिस तरह की बयानबाजी हो रही है, उससे यह तय माना जा रहा है कि मांझी विधानसभा चुनाव के पूर्व फिर पलटी मारेंगे। 

इस बीच, मांझी के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के घटक दल जनता दल (युनाइटेड) के प्रमुख नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद बिहार की सियासत में अचानक गर्मी आ गई। 

मांझी ने जहां आरजेडी पर निशाना साधते हुए कहा कि आरजेडी महागठबंधन में बड़े भाई की भूमिका में जरूर है, लेकिन वह इसे निभा नहीं पा रही है। इस बयान के बाद आरजेडी के नेता ने मांझी की पार्टी की हैसियत तक बता दी। विधायक भाई विरेंद्र ने स्पष्ट कर दिया कि जिसकी जितनी हैसियत होगी, उसी के अनुसार उसे सीटें दी जाएंगी। 

मांझी इन दिनों महागठबंधन में समन्वय समिति नहीं बनाए जाने से नाराज चल रहे हैं। उन्होंने आरजेडी को इसके लिए 31 मार्च तक अल्टीमेटम भी दे दिया है। 

इस बीच, आरजेडी के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने बुधवार को मांझी पर जोरदार सियासी हमला बोलते हुए कहा कि उनके बेटे संतोष मांझी को आरजेडी ने ही विधान परिषद भेजा था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उस समय भी महागठबंधन में कोई समन्वय समिति नहीं थी।

अपने बेटे का नाम घसीटे जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने बुधवार को आरजेडी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि महागठबंधन में सिर्फ आरजेडी की नहीं चलेगी। बिना समन्वय समिति के कोई काम नहीं होगा। अगर राजद इसके लिए तैयार नहीं है तो हम वृहद महागठबंधन बनाने की दिशा में काम करेंगे।

मांझी ने स्पष्ट करते हुए कहा कि उन्होंने कभी भी बेटे को एमएलसी बनाने के लिए आवेदन नहीं दिया था। उन्होंने (आरजेडी) खुद संतोष को टिकट दिया था। मांझी ने कहा कि आरजेडी को उसका लाभ भी मिला है। 

इस पूरे मामले पर जेडीयू प्रवकता संजय सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार और मांझी दो बड़े नेता हैं, मुलाकात हुई तो कई बातें हुई होंगी। राजनीति संभावनाओं का खेल है, कब क्या हो जाए कौन जानता है? आगे-आगे देखिए कई और राजनीतिक धमाके होंगे। हालांकि आरजेडी नेता विजय प्रकाश ने कहा कि महागठबंधन में कहीं कोई विवाद नहीं है। मांझी खुद कसम खा चुके हैं, कि वे तेजस्वी को मुख्यमंत्री बनाकर रहेंगे।  

इस चुनावी साल में विपक्षी दलों के महागठबंधन में घटक दल आमने-सामने आ गए हैं। अब देखने वाली बात होगी मांझी मार्च के बाद भी महागठबंधन के साथ रहते हैं या एकबार फिर पलटी मारते हैं। मांझी पहले एनडीए के साथ थे, बाद में वे महागठबंधन में चले गए। 

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  • Web Title:After meeting with Bihar CM Nitish kumar HAM chief Jitan Ram Manjhi warns RJD