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चुनाव के बाद इस राज्य में 4 TV चैनल बंद होने का दावा, TRAI के पास पहुंचे सांसद

कथित तौर पर कई वर्षों से किए जा रहे नकारात्मक प्रचार के खिलाफ जवाबी विमर्श को प्रसारित करने के लिए वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने साल 2008 के आसपास 'साक्षी' अखबार और टेलीविजन चैनल की स्थापना की थी।

चुनाव के बाद इस राज्य में 4 TV चैनल बंद होने का दावा, TRAI के पास पहुंचे सांसद
Nisarg Dixitएजेंसी,अमरावतीMon, 24 Jun 2024 01:31 PM
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लोकसभा और विधानसभा चुनावों के नतीजे आने के बाद आंध्र प्रदेश में कई जगह कुछ समाचार चैनलों का प्रसारण बंद होने को लेकर विपक्षी दल वाईएसआरसीपी के सांसदों ने राज्य सरकार पर बल प्रयोग करने का आरोप लगाया, जिसके परिणामस्वरूप इन चैनलों का प्रसारण बाधित (ब्लॉक) किया जा रहा है। टीवी9, एनटीवी, 10टीवी और साक्षी टीवी नाम चार चैनल को 'ब्लॉक' करने का आरोप NDA सरकार पर लगाया गया है, जिसमें तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा), जनसेना और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शामिल है। 

YSRCP के राज्यसभा सदस्य एस निरंजन रेड्डी ने सरकार द्वारा इन चार स्थानीय समाचार चैनलों के प्रसारण को कथित रूप से बाधित (ब्लॉक) करने को लेकर भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) से शिकायत की। ट्राई को हाल ही में लिखे एक पत्र में रेड्डी ने दावा किया कि 'आंध्र प्रदेश केबल टीवी ऑपरेटर्स एसोसिएशन' ने राज्य में तेदेपा के नेतृत्व वाली सरकार के कथित दबाव के कारण इन चार चैनल का प्रसारण बंद कर दिया। 

रेड्डी ने कहा, 'मैं नवगठित सरकार के दबाव और निर्देश पर कई समाचार चैनलों का प्रसारण स्थायी रूप से बंद करने के लिए आंध्र प्रदेश केबल टीवी ऑपरेटर्स एसोसिएशन द्वारा पारित अवैध प्रस्ताव को आपके (ट्राई) ध्यान में लाने के लिए मजबूर हूं।' उन्होंने आरोप लगाया कि टीवी9, एनटीवी, 10टीवी और साक्षी टीवी को 'बिना किसी कानूनी औचित्य या प्रक्रिया का पालन किये बगैर' ही अवरुद्ध कर दिया गया। 

प्रतिद्वंद्वियों द्वारा कथित तौर पर कई वर्षों से किए जा रहे नकारात्मक प्रचार के खिलाफ जवाबी विमर्श को प्रसारित करने के लिए वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने वर्ष 2008 के आसपास 'साक्षी' अखबार और टेलीविजन चैनल की स्थापना की थी। इस बीच, गोदावरी क्षेत्र के एक स्थानीय 'मल्टी-सिस्टम ऑपरेटर' (केबल टीवी सेवा प्रदाता) ने पुष्टि की कि इन चार चैनलों को अवरुद्ध कर दिया गया है। 

एक ऑपरेटर ने अपनी पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर रविवार को 'पीटीआई-भाषा' से कहा, 'हां, इन चार चैनलों को 'ब्लॉक' कर दिया गया था और यह निर्णय प्रबंधन स्तर पर लिया गया होगा और इसमें हमारी कोई भूमिका नहीं है। प्रबंधन हमसे परामर्श नहीं करता है।' उन्होंने देखा कि जिन चैनलों ने कथित तौर पर पूर्ववर्ती वाईएसआरसीपी सरकार के लिए सहायक की भूमिका निभाई थी, उनका प्रसारण बंद कर दिया गया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में प्रसारित होने वाले नए चैनलों में टीवी5, एबीएन आंध्र ज्योति और ईटीवी शामिल हैं। 

उन्होंने कहा कि 'टाटा प्ले' और अन्य उपग्रह टेलीविजन सेवा प्रदाताओं को छोड़कर अधिकांश मल्टी-सिस्टम ऑपरेटरों और एपी फाइबरनेट ने इन चैनलों का प्रसारण बंद कर दिया, जिन्हें कथित तौर पर वाईएसआरसीपी समर्थक मीडिया हाउस के रूप में देखा गया था। YSRCP के राज्यसभा सदस्य ने नियामक से गहन जांच करने और 'मीडिया और प्रसारण सेवाओं में अनुचित सरकारी हस्तक्षेप पर रोक लगाकर स्वतंत्र और निष्पक्ष प्रेस के सिद्धांतों को बनाए रखने की अपील की। 

इस बीच, तेदेपा की प्रवक्ता ज्योत्सना तिरुनगरी ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, 'तेदेपा हमेशा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में विश्वास करती है और हम प्रेस और मीडिया को बहुत सम्मान देते हैं। हम पत्रकारिता को सदैव समाज और राज्य के लिए एक बहुत मजबूत स्तंभ मानते हैं।' उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ दल हमेशा रचनात्मक आलोचना स्वीकार करता है।

उन्होंने दावा किया कि पार्टी चैनलों को 'हमारा' और 'उनका' के रूप में नहीं वर्गीकृत करती है, जैसा कि पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने किया था। तेदेपा प्रवक्ता ने कहा कि शनिवार को आंध्र प्रदेश विधानसभा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष सी अय्यन्नापत्रुडू ने पहला हस्ताक्षर ईटीवी, एबीएन आंध्र ज्योति और टीवी5 का निलंबन वापस लेने वाले आदेश पर किया। वाईएसआरसीपी के शासन में इन चैनलों के सदन में प्रवेश पर कथित तौर पर रोक लगा दी गई थी।