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140 आतंकवादी जम्मू कश्मीर में घुसने का कर रहे इंतजार, सीजफायर के बाद भी नहीं सुधरा पाक; अधिकारी ने बताया

लाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीPublished By: Nishant Nandan
Thu, 05 Aug 2021 07:16 PM
140 आतंकवादी जम्मू कश्मीर में घुसने का कर रहे इंतजार, सीजफायर के बाद भी नहीं सुधरा पाक; अधिकारी ने बताया

इसी साल सीमा पर सीजफायर के ऐलान के बाद पाकिस्तान की तरफ से सीजफायर उल्लंघन की घटनाएं तो कम हुई हैं लेकिन बावजूद इसके पाकिस्तान अभी सुधरा नहीं है। बताया जा रहा है कि एलओसी के पास सैकड़ों आतंकवादी डेरा जमाए बैठे हैं और यह सभी आतंकवादी मौके की फिराक में हैं ताकि वो जम्मू कश्मीर की सीमा में दाखिल हो कर दहशतगर्दी मचा सकें। इसी साल फरवरी के महीने में पाकिस्तान सीजफायर का उल्लंघन ना करने पर राजी हुआ था। दरअसल Financial Action Task Force ने पाकिस्तान को 'ग्रे लिस्ट' में डाल रखा है। पाकिस्तान इस सूची से बाहर आने के लिए तड़प रहा है और यही वजह है कि वो सीजफायर के लिए फिलहाल मान गया। लेकिन अभी इस लिस्ट से बाहर आने के लिए पाकिस्तान को अपने यहां बनाए गए आतंकी ढांचे को नष्ट करना बाकी है। 

'News 18' ने एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया है कि सीमा के उस पार बनाए गए लॉन्च पैड में करीब 140 आतंकवादी अभी बैठे हैं और जम्मू कश्मीर की सीमा में घुसने की मंशा पाले हुए हैं। आर्मी ने यह नोटिस किया है कि एलओसी के उस पार सैकड़ों आतंकवादी खतरनाक मंसूबे के साथ मौजूद हैं। लेकिन सीमा पर तैनात भारतीय सेना की सख्ती ने आतंकवादियों के हौसले पस्त कर रखे हैं। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि आतंकवादी पहले भी इन लॉन्च पैंडों से निकल कर जम्मू कश्मीर में दाखिल होने की नापाक कोशिश कर चुके हैं लेकिन अलर्ट जवानों ने इन्हें मजा चखाया है जिससे डर कर वो वापस भाग गये थे। 

वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक सीजफायर की आड़ में पाकिस्तान एलओसी के पास अपने आधारभूत ढांचे को मजबूत करने में जुटा हुआ है। दरअसल जब पाकिस्तान ने क्रॉस बॉर्डर फायरिंग के जरिए भारतीय सीमा में आतंक मचाने की कोशिश की थी तब भारतीय सेना ने उसे इसका मुंहतोड़ जवाब दिया था जिसका नतीजा यह हुआ था कि पड़ोसी मुल्क का यह ढांचा बिल्कुल ही तहस-नहस हो चुका था। अधिकारियों का मानना है कि जब से सरकार ने जम्मू कश्मीर से स्पेशल स्टेट्स वापस लिया है तब से विदेशी आतंकवादी अचानक गायब हो गये हैं। इन आतंकवादियों ने या तो खुद को कैद कर लिया है, या फिर वो किसी घनी आबादी वाले इलाकों में जाकर छिप गए हैं, ऐसा भी अंदेशा है कि वो ऊंची पहाड़ों वाले इलाकों में छिपे हो सकते हैं। 

स्थानीय युवाओं के आतंकवादी संगठनों में शामिल होने के मुद्दे पर वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि सेना के जवान लगातार उन परिवारों के संपर्क में हैं जिनके घरों के लड़कों का ब्रेनवॉश किया गया था और उन्हें बरगलाया गया था। इसके अलावा सेना ने आतंकी गतिविधियों में शामिल युवाओं को सख्त वार्निंग दी है कि वो किसी भी ऐसी विचारधारा के साथ ना जाएं जो राष्ट्रहित के लिए सही ना हो वरना उनके साथ कड़ाई से निपटा जाएगा। इस वार्निंग का नतीजा यह हुआ है कि यहां कई जिंदगियां बच गई हैं और स्थानीय लोग अपने घर के युवाओं को शिक्षा के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं। 

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