हत्या की साजिश एक महीने पहले से रची जा रही थी, बेटे के जन्मदिन पर मिली थी सुपारी की जानकारी, शूटर गिरफ्तार
बर्मामाइंस निवासी आफताब आलम हत्याकांड में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। परिजनों का दावा है कि हत्या की साजिश पहले से की गई थी। आफताब को सात गोलियां लगी थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि गुस्साए लोगों ने आरोपी के घर में तोड़फोड़ की।

बर्मामाइंस निवासी आफताब आलम हत्याकांड में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। परिजनों का दावा है कि आफताब की हत्या की साजिश एक महीने पहले रची गई थी। हत्या से कुछ दिन पहले ही उन्हें अपनी जान पर खतरे की जानकारी मिल गई थी। इसके बाद भी अपराधियों ने उन्हें मार डाला। परिजनों के अनुसार, 14 जुलाई को आफताब के बड़े बेटे अयान का जन्मदिन था। उसी दिन भोंदू नामक युवक उनके घर पहुंचा था। बताया जाता है कि शहबाज उर्फ भोंदू, आफताब के बेटे का दोस्त था। घर आने के दौरान उसने कथित तौर पर बताया था कि आफताब की हत्या की सुपारी दी गई है। यह जानकारी मिलने के बाद आफताब ने शाहरुख से सीधे पूछताछ की थी कि क्या उसने उनकी हत्या की सुपारी दी है। परिजनों का आरोप है कि उस समय शाहरुख ने साफ तौर पर इनकार कर दिया था। हालांकि बाद में उसी पर हत्या की सुपारी दिलाने का आरोप सामने आया और इसके बाद आफताब की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इधर, बुधवार की शाम आफताब का अंतिम संस्कार कर दिया गया। जनाजा बर्मामाइंस कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। अंतिम विदाई के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। इससे पहले मंगलवार देर रात करीब दो बजे पोस्टमार्टम के बाद शव को जमशेदपुर लाया गया था.
सात गोली लगी थी आफताब को
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आफताब के शरीर पर सात गोलियां लगने की पुष्टि हुई। अंतिम संस्कार के दौरान और उसके बाद भी लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। कई लोगों ने पुलिस से मुख्य आरोपियों का एनकाउंटर करने की मांग भी की।
कोर्ट के पास से शूटर गिरफ्तार
उधर, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी भोंदू को कोर्ट परिसर के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक हथियार भी बरामद किया गया है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर दो अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लिया है। हालांकि पुलिस ने अबतक दोनों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं। उनसे पूछताछ की जा रही है और पूरे षड्यंत्र के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
आरोपी के घर में तोड़फोड़
घटना से गुस्साए लोगों ने कैरेज कॉलोनी स्थित आरोपी के घर में तोड़फोड़ भी की। मौके पर पुलिस ने पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। आक्रोशित लोगों का आरोप है कि संजीत की गिरफ्तारी के बाद से ही अपराधियों ने आफताब की हत्या के लिए उसे ढूंढना शुरू कर दिया था। उनका कहना है कि लगातार धमकियों के बावजूद अपराधियों के खिलाफ समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, जिसका परिणाम इस हत्याकांड के रूप में सामने आया।
वार्ता के चलते टला जाम
घटना के बाद विभिन्न दौर में पुलिस अधिकारियों और स्थानीय लोगों के बीच वार्ता भी हुई। प्रारंभिक तौर पर लोगों ने शव के साथ सड़क जाम करने और संबंधित थाना के सामने प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। हालांकि लोगों ने स्पष्ट किया कि यदि सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं होती है तो वे आंदोलन करेंगे।
यह है मामला
2 अगस्त की रात में बर्मामाइंस कैरेज कॉलोनी मुस्लिम बस्ती में आफताब को गोली मार दी गई थी। उसे इलाज के लिए कोलकाता के अपोलो अस्पताल ले जाया गया था, जहां उसकी इलाज के दौरान गुरुवार तड़के मौत हो गई थी।


