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समुद्री ताकत में इजाफा, मजबूत होगा एयर डिफेंस; भारतीय सेना के लिए उपकरण खरीदने को बजट मंजूर

रक्षा अधिग्रहण परिषद द्वारा 84,560 करोड़ के अधिग्रहण की मंजूरी को कैबिनेट की स्वीकृति मिलते ही इस दिशा में काम शुरू हो जाएगा। इस खरीद के बाद भारतीय सैन्य बलों और भारतीय तटरक्षक बलों की मजबूती तय है।

समुद्री ताकत में इजाफा, मजबूत होगा एयर डिफेंस; भारतीय सेना के लिए उपकरण खरीदने को बजट मंजूर
Deepakलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीFri, 16 Feb 2024 05:31 PM
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भारतीय सेना को और ज्यादा सशक्त और सक्षम बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है। इसके तहत तमाम रक्षा उपकरण खरीदने की तैयारी है। इनमें नई एंटी टैंक माइन्स, हैवी वेट टॉरपीडोज, मल्टी-मिशन मेरीटाइम एयरक्राफ्ट और एयर डिफेंस टैक्टिकल कंट्रोल राडार शामिल हैं। रक्षा अधिग्रहण परिषद द्वारा 84,560 करोड़ के अधिग्रहण की मंजूरी को कैबिनेट की स्वीकृति मिलते ही इस दिशा में काम शुरू हो जाएगा। इन उपकरणों की खरीद के बाद भारतीय सैन्य बलों और भारतीय तटरक्षक बलों की मजबूती में इजाफा होना तय है। प्रस्तावों में उपकरणों को सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ मुहिम के तहत भारतीय विक्रेताओं से खरीदने पर जोर दिया गया है।

स्वीकृत प्रस्तावों में अत्याधुनिक रक्षा टेक्नोलॉजी के अलग-अलग रेंज वाले उपकरण हैं। इसमें भूकंपीय सेंसर और रिमोट डिएक्टिवेशन सुविधाओं से लैस एंटी-टैंक माइन्स एक नई जेनरेशन शामिल है। इसके अलावा एक एंटी-आर्मर लॉयटर म्यूनिशन सिस्टम की खरीद के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है। यह सिस्टम उन टारगेट को निशाना बनाने के लिए डिजाइन किया गया है, जो युद्धक्षेत्र में बेहद दूर रहते हैं। वहीं, नए टैक्टिकल कंट्रोल राडार से भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूती मिलेगी। यह धीमे, छोटे और नीचे उड़ने वाले टारगेट्स को आसानी से निशाना बना लेगा।

हाल के दिनों में समुद्र में हमले बढ़े हैं। ऐसे में भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल की मजबूती पर भी जोर है। इसके लिए मध्यम दूरी के समुद्री टोही और मल्टी-मिशन समुद्री विमान खरीदे जाएंगे। पानी के अंदर टारगेट को निशाना बनाने और उसे खत्म करने के लिए एक्टिव टोड ऐरे सोनार और भारी वजन वाले टॉरपीडो को लाए जाने की उम्मीद है। इन अधिग्रहणों से नेवी की पता लगाने और हमला करने की क्षमता में इजाफा होगा। खासतौर पर कलवरी श्रेणी की पनडुब्बियों में।

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