आदित्य-एल1: युवा वैज्ञानिकों ने सीखीं डेटा विश्लेषण की आधुनिक तकनीकें
आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान, नैनीताल में इसरो और एरीज के संयुक्त तत्वावधान में आदित्य-एल1 सपोर्ट सेल की 13वीं कार्यशाला का समापन हुआ। यह कार्यशाला 6 से 15 जुलाई तक चली, जिसमें 32 विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने भाग लिया और सूर्य के अध्ययन व डेटा विश्लेषण की तकनीकों से अवगत हुए।
नैनीताल, संवाददाता। आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) एवं एरीज के संयुक्त तत्वावधान में संचालित आदित्य-एल1 सपोर्ट सेल की 13वीं कार्यशाला का समापन हो गया। छह से 15 जुलाई तक आयोजित 10 दिवसीय कार्यशाला में देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों से आए 32 विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने प्रतिभाग किया।कार्यशाला का उद्देश्य युवा वैज्ञानिकों और शोधार्थियों को आदित्य-एल1 मिशन के वैज्ञानिक उद्देश्यों, उसके विभिन्न पेलोड तथा सौर भौतिकी से संबंधित आंकड़ों के विश्लेषण की आधुनिक तकनीकों से परिचित कराना था। इस दौरान प्रतिभागियों को सूर्य के अध्ययन, आदित्य-एल1 मिशन से प्राप्त वैज्ञानिक डेटा के उपयोग, शोध प्रस्ताव लेखन और उन्नत डेटा विश्लेषण विधियों पर विशेषज्ञों ने व्याख्यान के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया।
एरीज के निदेशक डॉ. मनीष कुमार नाजा ने कहा कि आदित्य-एल1 सपोर्ट सेल का उद्देश्य देश में सौर भौतिकी अनुसंधान को सशक्त बनाना तथा युवा शोधकर्ताओं का एक सक्षम उपयोगकर्ता समुदाय तैयार करना है, ताकि आदित्य-एल1 मिशन से प्राप्त वैज्ञानिक आंकड़ों का अधिकतम उपयोग कर उत्कृष्ट शोध कार्य किए जा सकें। कार्यशाला का संयोजन आदित्य-एल1 सपोर्ट सेल के प्रभारी डॉ. एस कृष्णा प्रसाद ने किया। उन्होंने बताया कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम युवा शोधकर्ताओं को अंतरिक्ष विज्ञान और सौर भौतिकी के क्षेत्र में उन्नत अनुसंधान के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
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