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हिंदी न्यूज़ देशकांग्रेस को तोड़ने में प्रशांत किशोर की साजिश, मोदी के डर से सोनिया से नहीं मिलीं ममता: अधीर रंजन चौधरी

कांग्रेस को तोड़ने में प्रशांत किशोर की साजिश, मोदी के डर से सोनिया से नहीं मिलीं ममता: अधीर रंजन चौधरी

लाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्ली।Himanshu Jha
Thu, 25 Nov 2021 01:26 PM
कांग्रेस को तोड़ने में प्रशांत किशोर की साजिश, मोदी के डर से सोनिया से नहीं मिलीं ममता: अधीर रंजन चौधरी

कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने मेघालय में कांग्रेस के 12 विधायकों को टीएमसी में शामिल होने के का ठीकरा चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर पर फोड़ा है। उन्होंने कहा यह सब प्रशांत किशोर और टीएमसी के नेता लुइज़िन्हो फलेरियो कर रहे हैं। उन्होंने इसकी जानकारी होने की भी बात कही है।

कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा, ''अगर ममता बनर्जी अभी सोनिया गांधी से मिलती हैं, तो पीएम मोदी नाराज हो जाएंगे। ईडी द्वारा उनके भतीजे को तलब किए जाने के तुरंत बाद उनकी हरकतें बदल गईं। इससे पहले उन्होंने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर बीजेपी के खिलाफ मिलकर लड़ने की बात कही थी। ''

कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने मेघालय में कांग्रेस के 12 विधायकों पर टीएमसी में शामिल पर कहा, ''कांग्रेस को तोड़ने की ये साजिश सिर्फ मेघालय में ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर में हो रही है। मैं सीएम ममता बनर्जी को चुनौती देता हूं कि पहले उन्हें टीएमसी के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़वाएं और फिर औपचारिक रूप से उनकी पार्टी में उनका स्वागत करें।''

मेघालय में कांग्रेस के 12 विधायकों ने थामा टीएमसी का दामन
आपको बता दें कि मेघालय में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। ममता बनर्जी की अगुवाई वाली पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने बुधवार देर रात दावा किया कि राज्य में कांग्रेस के 18 में से 12 विधायकों ने पार्टी का दामन थाम लिया है। कांग्रेस छोड़ने वालों में पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा का नाम भी शामिल है। यह घटनाक्रम ममता बनर्जी के प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के चंद घंटों बाद ही सामने आया है।

टीएमसी के एक वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि इसी के साथ मेघालय में अब टीएमसी मुख्य विपक्षी पार्टी बन गई है। सूत्रों के मुताबिक, इन सभी विधायकों ने शिलॉन्ग में टीएमसी की सदस्यता ली है। इस बीच कांग्रेस विधायक एच एम शांगप्लियांग ने राज्य में पार्टी के 12 विधायकों के टीएमसी में शामिल होने की बात कही।

ममता बोलीं- हर बार सोनिया से मिलना जरूरी है क्या?
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात के बारे में पूछे जाने पर ममता बनर्जी ने कहा कि इसकी कोई योजना नहीं है, क्योंकि वे पंजाब चुनाव में व्यस्त हैं। बाद में, उन्होंने कहा, "हमें हर बार सोनिया से क्यों मिलना चाहिए? यह संवैधानिक रूप से अनिवार्य नहीं है।" उनकी टिप्पणी उनकी पार्टी के एक बड़े विस्तार की होड़ के बीच आई। आपको बता दें कि टीएमसे जॉइन करने वाले अधिकांश नेता कांग्रेस के ही हैं।

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