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करोड़ों में फीस वसूलने वाले डीम्ड मेडिकल कॉलेजों पर नकेल कसना शुरू

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नियमों की गफलत का फायदा उठाकर किसी भी प्रकार के नियमन से बचते हुए एमबीबीएस की बेतहाशा फीस वसूल रहे देश के डीम्ड मेडिकल कॉलेजों पर अब शिकंजा कसने लगा है। मद्रास हाई कोर्ट के आदेश पर बनाई गई फीस निर्धारण समिति ने सभी 39 डीम्ड मेडिकल कॉलेजों से उनकी आमदनी और कॉलेज पर होने वाले कुल खर्चों का ब्यारो 9 जून तक मांगा है। इस ब्योरे के आधार पर ही समिति इन कॉलेजों में फीस की अधिकतम सीमा तय करेगी। हालांकि, इसे लेकर अंतिम आदेश सुप्रीम कोर्ट से जारी होगा।

देश में निजी मेडिकल कॉलेजों को मनमानी फीस वसूलने से रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को एक राज्य स्तरीय फीस निर्धारण समिति बनाने का आदेश दिया था। सभी राज्यों में यही समिति निजी मेडिकल कॉलेजों में फीस का निर्धारण करती है। हालांकि, डीम्ड कॉलेज यह कहते हुए इस समिति के दायरे से बाहर रहे हैं कि वे राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते। डीम्ड कॉलेजों के इस तर्क को सुनने के बाद सितंबर 2017 में मद्रास हाईकोर्ट ने यूजीसी से डीम्ड संस्थानों में भी फीस नियंत्रण के लिए एक समिति बनाने का आदेश दिया था, जिस पर इन संस्थानों ने सुप्रीम कोर्ट से स्टे ले लिया था।

हालांकि, अप्रैल में सुप्रीम कोर्ट ने इस स्टे ऑर्डर को हटा लिया और जून 2018 में यूजीसी ने इस समिति का गठन कर दिया। इस समिति की एक बैठक के बाद ही डीम्ड संस्थानों ने इस समिति के खिलाफ फिर से स्टे ले लिया। कुछ माह पहले सुप्रीम कोर्ट से आंशिक रूप से स्टे हटाकर समिति को अपना काम करने की मंजूरी दे दी। कोर्ट ने समिति को अपनी रिपोर्ट उसके पास जमा करने को कहा है और मामले पर अगली सुनवाई 9 जुलाई को होगी।

इधर, समिति ने डीम्ड कॉलेजों का फीस के मुद्दे पर प्रेजेंटेशन देखा, जिसमें सभी संस्थानों ने अपनी ऊंची फीस को न्यायसंगत बताया। इसके बाद समिति ने इन सभी संस्थानों से उनकी आमदनी और खर्च का ब्योरा मांगा है। समिति को 9 जून को प्रस्तावित बैठक में यह ब्योरा मिलेगा। इसके बाद समिति में मौजूद ऑडिटर इस ब्योरे का ऑडिट करेंगे और इसके बाद समिति अधिकतम फीस का निर्धारण करेगी।

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  • Web Title:Action started against Deemed Medical Colleges who collected fees in crores