दो आचार्य की वैराग्य भूमि पर आचार्य विबुद्ध सागर का चातुर्मास प्रारंभ
जैन समाज के प्रमुख आचार्य विबुद सागर महाराज का चातुर्मास समारोह सकरौली में शुरू हुआ। इसमें 108 कलशों की स्थापना और 13 करोड़ महामंत्र का जप शामिल है। यह धार्मिक आयोजन विश्व शांति और समृद्धि के लिए किया जा रहा है। कार्यक्रम में कई प्रमुख जैन व्यक्तित्वों ने भाग लिया।

जैन समाज के प्रमुख दो आचार्य की वैराग्य भूमि सकरौली पर आचार्य विबुद सागर महाराज का चातुर्मास समारोह के साथ प्रारंभ हुआ। समारोह में विधि-विधान से कलश स्थापना की गई। आचार्यश्री ने बताया कि भगवान आदिनाथ के पुत्र भरत के भारत की धर्म नगरी सकरौली में शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में 24 बार विश्व पवन वर्षा योग में एक नहीं 108 कलश के साक्षी ध्वज के साथ स्थापना की गई। इस चातुर्मास की विशेषता है कि 108 दिवसीय अखंड णमोकार का मंत्र शंखनाद के साथ रिद्धि सिद्धि वृद्धि समृद्धि के साथ पूर्ण होगा। इस कार्यक्रम में 13 करोड़ 13 लाख 13 हजार 113 महामंत्र का जप अनुष्ठान विश्व शांति महायज्ञ होगा।
इस अनुष्ठान से संसार के दुखी प्राणियों को सुख शांति समृद्धि की प्राप्ति होगी। धार्मिक कार्यक्रम आयोजन पंडित स्वप्निल जैन शास्त्री ने पूर्ण कराए गए। कार्यक्रम में शैलेंद्र जैन, दिनेश जैन, प्रदीप कुमार जैन, पंकज जैन, संदीप जैन, छवि जैन, देवेंद्र जैन, सरोज कुमारी जैन मौजूद रहे।


