ढाई वर्ष से वेतन न मिलने से परेशान कर्मचारी ने पिया फिनायल, भर्ती
चित्रकूट के शिवरामपुर में एक खातेदार ने पिछले ढाई साल से वेतन न मिलने के कारण फिनायल पी लिया। उसे गंभीर अवस्था में अस्पताल ले जाया गया। मजदूर ने आरोप लगाया कि समिति अध्यक्ष और सचिव द्वारा हस्ताक्षर करने के बावजूद बैंक ने भुगतान से इनकार कर दिया, जिससे उसकी आर्थिक स्थिति बिगड़ गई।

चित्रकूट। वी पैक्स सहकारी समिति शिवरामपुर में तैनात अकाउंटेंट ने पिछले ढ़ाई साल से वेतन न मिलने से परेशान होकर समिति कार्यालय में फिनायल पी लिया। आनन-फानन अन्य कर्मचारी उसे सीएचसी शिवरामपुर ले गए। हालत गंभीर होने पर डाक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। कर्मचारी का आरोप है कि समिति अध्यक्ष व सचिव के हस्ताक्षर करने के बावजूद कोऑपरेटिव बैंक शाखा प्रबंधक ने भुगतान करने से मना कर दिया। जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। शिवरामपुर कस्बे में संचालित सहकारी समिति व कोऑपरेटिव बैंक एक ही जगह संचालित है। बुधवार को सुबह करीब 10 बजे सहकारी समिति में तैनात अकाउंटेंट सत्येन्द्र विश्वकर्मा निवासी पथरौंडी ने कार्यालय में ही फिनायल पी लिया।
कर्मचारियों ने देखा तो उसे सीएचसी शिवरामपुर ले गए। जहां से डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जहां इलाज रहा है। जिला अस्पताल में भर्ती अकाउंटेंट ने बताया कि वह कोऑपरेटिव बैंक की शाखा बी पैक्स सहकारी समिति में कार्यरत है। उसका पिछले ढाई वर्ष से वेतन नहीं मिला है। जिसकी वजह से उसकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। बच्चों का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। वह दाने-दाने को मोहताज है। समिति अध्यक्ष व सचिव ने वेतन स्वीकृति के साथ ही भुगतान के लिए चेक में हस्ताक्षर कर दिए है। जब वह भुगतान के लिए कोऑपरेटिव बैंक पहुंचा तो शाखा प्रबंधक ने भुगतान करने से मना कर दिया। जिसकी वजह से वह इतना अधिक तनाव में आ गया कि वहीं समिति कार्यालय में ही फिनायल पी लिया। कोऑपरेटिव बैंक शिवरामपुर के शाखा प्रबंधक ह्रदेंद्र कुमार जाटव का कहना है कि कर्मचारी ने भुगतान के लिए उनको कोई चेक नहीं दिया। अगर चेक दिए होते तो उनको भुगतान करने में कौन सी दिक्कत है। समिति कर्मचारियों का वेतन भुगतान करने के लिए अध्यक्ष व सचिव स्वीकृति देते है। इसके बाद चेक उनके पास आने पर वह भुगतान करते है। कर्मचारी ने समिति कार्यालय में फिनायल पिया है। चौकी प्रभारी शिवरामपुर का कहना है कि अभी उनके संज्ञान में मामला नहीं आया है। किसी ने कोई जानकारी भी नहीं दी है। वह इसकी जानकारी करा रहे है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।


