थाना प्रभारी की सरकारी गाड़ी में कार की टक्कर, सोने जैसी धातु की 10 ईंटों से बढ़ा रहस्य

हिन्दुस्तान, कन्नौज
Follow us on Google News
share

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक सरकारी पुलिस वाहन को एक कार ने टक्कर मार दी। इस हादसे में थाना प्रभारी और पुलिसकर्मी सुरक्षित रह गए। टक्कर वाली कार से पीली धातु की दस ईंटें मिली हैं, जिन्हें सोने की संदेह में चर्चा की जा रही है। मामले की जांच जारी है।

थाना प्रभारी की सरकारी गाड़ी में कार की टक्कर, सोने जैसी धातु की 10 ईंटों से बढ़ा रहस्य

तालग्राम। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार देर रात सकरावा थाना प्रभारी की सरकारी कार को एक कार ने टक्कर मार दी। हादसे में सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि थाना प्रभारी समेत उसमें सवार पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। हादसे के बाद टक्कर मारने वाली कार से पीली धातु की दस ईंटें मिलने की सूचना से मामला चर्चा में आ गया है। स्थानीय स्तर पर इन ईंटों के सोने का बताए जाने की चर्चा है, हालांकि पुलिस इन्हें पीली धातु की ईंटें बता रही है। पुलिस ने कार सवार दो लोगों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, सकरावा थाना प्रभारी भागमल सिंह शुक्रवार रात करीब दो बजे हमराह सिपाही योगेंद्र कुमार, मोहन दिवाकर और महिला सिपाही रितु चाह के साथ शांति व्यवस्था ड्यूटी से कन्नौज से लौट रहे थे।

सरकारी वाहन सिपाही लोकेंद्र सिंह चला रहे थे। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर निकवा के पास किलोमीटर संख्या 171 पर पीछे से आई एक कार ने पुलिस वाहन में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि सरकारी कार क्षतिग्रस्त हो गई। हालांकि वाहन में सवार थाना प्रभारी और पुलिसकर्मियों को कोई चोट नहीं आई। हादसे के बाद पुलिस ने दूसरी कार की जांच की तो उसमें पीली धातु की दस ईंटें बरामद होने की बात सामने आई। कार सवार लोगों की पहचान महराजगंज और नेपाल निवासी के रूप में बताई जा रही है। दोनों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। बरामद धातु की ईंटें वास्तव में सोने की हैं या किसी अन्य धातु की, इसकी जांच कराई जा रही है। पुलिस हादसे के साथ ही बरामद धातु और उसके स्रोत को लेकर भी पड़ताल में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

Hindustan | Bureau

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureau

हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्‍यों सह‍ित देश की राजधानी द‍िल्‍ली और एनसीआर (नोएडा, गाज‍ियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्‍करण प्रकाश‍ित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपर‍ि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद व‍िस्‍तार से न्‍यूज र‍िपोर्ट प्रकाश‍ित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Navratri 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candidates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia Newsथाना प्रभारी की सरकारी गाड़ी में कार की टक्कर, सोने जैसी धातु की 10 ईंटों से बढ़ा रहस्य