एचआईवी स्क्रीनिंग लक्ष्य की प्राप्ति के लिए डीडीसी ने कसी लगाम
- बीएसएसीएस कर्मियों एवं एनजीओ के साथ की समीक्षा बैठक, प्रथम 95 के गैप को समाप्त करने पर जोर

लखीसराय, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। जिले में एचआईवी संक्रमित व्यक्ति की पहचान और स्क्रीनिंग की रफ्तार बढ़ाने की कमान अब डीडीसी सुमित कुमार ने संभाल लिया है। राज्य स्वास्थ्य समिति के साथ शुक्रवार को हुई वर्चुअल समीक्षा बैठक के अगले ही दिन शनिवार को उन्होंने अपने कार्यालय कक्ष में बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति बीएसएसीएस से जुड़े पदाधिकारियों, कर्मियों एवं सहयोगी गैर-सरकारी संस्थाओं एनजीओ के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक किया।
समीक्षा बैठक
बैठक में भारत सरकार द्वारा निर्धारित 95:95:95 लक्ष्य की उपलब्धि की समीक्षा की गई। विशेष रूप से प्रथम 95 लक्ष्य, यानी एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों की पहचान और उन्हें जांच के दायरे में लाने की प्रगति पर चर्चा हुई। समीक्षा के दौरान पाया गया कि लक्ष्य प्राप्ति में अभी भी अंतर बना हुआ है, जिसे दूर करने के लिए विशेष रणनीति अपनाने की आवश्यकता है।
डीडीसी के निर्देश
डीडीसी ने बीएसएसीएस कर्मियों और सहयोगी संस्थाओं को निर्देश दिया कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए लक्षित समूहों तक स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जोखिम वाले वर्गों की पहचान, जागरूकता गतिविधियों में तेजी व स्क्रीनिंग सेवा के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को जांच और उपचार सेवाओं से जोड़ा जा सके।
लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति
बैठक में कार्यक्रम के गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन, निर्धारित लक्ष्य की समयबद्ध पूर्ति व विभागीय दिशा-निर्देश के अनुपालन पर भी जोर दिया गया। डीडीसी ने स्पष्ट किया कि एचआईवी नियंत्रण कार्यक्रम की सफलता के लिए नियमित मॉनिटरिंग आवश्यक है। बैठक में निर्णय लिया गया कि 95:95:95 लक्ष्य की दिशा में हो रही प्रगति की समीक्षा अब प्रत्येक 15 दिन पर की जाएगी। इसका उद्देश्य कमियों की समय पर पहचान कर सुधारात्मक कदम उठाना और जिले में निर्धारित लक्ष्य को समय पर हासिल करना है।


