विद्यार्थियों पर लाठी चार्ज के विरोध में प्रदर्शन
गाजियाबाद में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर छात्रों की मांगों को दबाने और लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया। एबीवीपी ने मांग की कि सभी संदिग्ध परीक्षाओं की सीबीआई जांच की जाए और जल्द समाधान नहीं होने पर देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी।

गाजियाबाद, गुलशन भारती। झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद गाजियाबाद ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को एमएमएच कॉलेज के पास झारखंड सरकार के खिलाफ विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज बंद करो के नारे लगाए। एबीवीपी गाजियाबाद कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि झारखंड सरकार विद्यार्थियों की न्यायोचित मांगों को दबाने का काम कर रही है। 10 और 11 अगस्त को रांची में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज, वॉटर कैनन का प्रयोग और सैकड़ों की गिरफ्तारी सरकार के विद्यार्थी विरोधी चरित्र को दर्शाती है। एबीवीपी के तनिष्क शिशौदिया ने कहा कि एसआईटी में बार-बार बदलाव से उसकी विश्वसनीयता समाप्त हो गई है।
ऐसे में जेपीएससी और जेएसएससी की सभी संदिग्ध परीक्षाओं की निष्पक्ष सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए। साथ ही जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को तत्काल रद्द कर दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक झारखंड के विद्यार्थियों को न्याय नहीं मिलता, एबीवीपी का संघर्ष जारी रहेगा। जल्द समाधान नहीं होने पर एबीवीपी देशव्यापी आंदोलन करेगी। इस दौरान गौरव क्षत्रिय, तुषार बैसला, कुलदीप आर्य, मोहित प्रजापति, निखिल डांडरियाल, मनन सिंह और प्रखर शर्मा समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
लेखक के बारे में
Hindustan | Bureauहिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्यों सहित देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्करण प्रकाशित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपरि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद विस्तार से न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।
और पढ़ें

