‘अक्षरम्’ में युवा काव्य प्रतिभाओं को मिला सृजनात्मक मंच
वाराणसी में एबीवीपी की बीएचयू इकाई ने मधुबन पार्क में ‘अक्षरम्-काव्य प्रतियोगिता’ का आयोजन किया। इसमें 150 से अधिक छात्रों ने सामाजिक, सांस्कृतिक और समसामयिक मुद्दों पर काव्य पाठ किया। काव्य रचनाओं का मूल्यांकन रचनात्मकता और प्रस्तुति कौशल के आधार पर किया गया। एबीवीपी के राष्ट्रीय मंत्री ने कविता को समाज की संवेदना का स्वर बताया।

वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। एबीवीपी की बीएचयू इकाई की तरफ से शनिवार को मधुबन पार्क में ‘अक्षरम्-काव्य प्रतियोगिता’ का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में बीएचयू के विभिन्न संकायों से 150 से अधिक छात्र-छात्राओं ने अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों ने अपनी रचनाओं का सस्वर पाठ कर सामाजिक सरोकारों, सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रबोध और समसामयिक विषयों को संवेदनाओं और कल्पनाशीलता को अभिव्यक्त किया। शब्दों में समाज की पीड़ा, राष्ट्र और संस्कृति मुखर हुई। काव्य-रचनाओं का मूल्यांकन निर्णायक मंडल ने रचनात्मकता, विषय-वस्तु, भाषा-शैली, भावाभिव्यक्ति और प्रस्तुति-कौशल के आधार पर किया और श्रेष्ठ प्रस्तुतियों को पुरस्कृत किया गया। मुख्य अतिथि एबीवीपी के राष्ट्रीय मंत्री अभय प्रताप सिंह ने कहा कि कविता केवल भावनाओं की अभिव्यक्ति भर नहीं है, बल्कि वह समाज की चेतना, संवेदना और सांस्कृतिक स्मृति को स्वर देने वाली सशक्त विधा है।
इकाई अध्यक्ष पल्लव सुमन ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को न केवल अपनी साहित्यिक प्रतिभा के प्रदर्शन का अवसर प्रदान करती है, बल्कि उनके भीतर छिपे रचनाकार को अभिव्यक्ति का एक सशक्त मंच भी देती है। अंत में इकाई मंत्री अनुराग तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापन किया।


