हमारा प्रदर्शन बांग्लादेश और नेपाल से अलग था : दिपके

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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क्रॉसर... --सीजेपी संस्थापक ने तस्लीमा नसरीन की टिप्पणी को खारिज किया --कहा-बांग्लादेश या नेपाल

हमारा प्रदर्शन बांग्लादेश और नेपाल से अलग था : दिपके

छत्रपति सांभाजीनगर, एजेंसी। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोमवार को कहा कि जब भारत के पास महात्मा गांधी की विरासत है, तो विरोध कर रहे छात्रों को बांग्लादेश या नेपाल की ओर देखने की जरूरत नहीं है। हमारा प्रदर्शन इन देशों से काफी अलग था। दिपके ने बांग्लादेश की निर्वासित लेखिका तस्लीमा नसरीन की उस टिप्पणी को भी खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने भारत और बांग्लादेश में हुए विरोध-प्रदर्शन में समानता बताई थी। दिपके ने जोर देकर कहा कि बांग्लादेश और नेपाल में हुए विरोध-प्रदर्शनों का इस्तेमाल हमें बदनाम करने के लिए किया जा रहा है। हम उनसे अलग हैं। भारत में छात्र हिंसक या आक्रामक नहीं थे। उनके सिर, हाथ और पैर टूटे, लेकिन उन्होंने संयम बरता और जंतर-मंतर पर शांति से बैठे रहे।

शिक्षा का मुख्य एजेंडा

सीजेपी के संस्थापक ने कहा कि हर चुनाव में शिक्षा मुख्य एजेंडा होना चाहिए। अगर आप चुनाव में शिक्षा को मुख्य एजेंडा नहीं बनाते हैं, तो इसका मतलब है कि आप भविष्य के बारे में नहीं सोच रहे हैं। शिक्षा देश के भविष्य के लिए एक निवेश है। उन्होंने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द हमारी मांगें पूरी करनी चाहिए, वरना हम एक और आंदोलन शुरू करेंगे। दिपके ने जेन-जी से अपील की कि वे भाजपा नेताओं की तरह नहीं बनें। भाजपा के कुछ नेता संसद और सार्वजनिक रैलियों में भी गाली-गलौच करते हैं।

छात्रों के समर्थन में

दिपके ने कहा कि वे झारखंड में राज्य लोक सेवा परीक्षा सहित अन्य भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की लड़ाई किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि सिस्टम के खिलाफ है। हम उनकी मांगों के साथ खड़े हैं। अगर वे सीबीआई जांच चाहते हैं, तो हम उस मांग को आगे बढ़ाने में उनका समर्थन करेंगे। दिपके ने कहा कि शिक्षा के लिए जहां भी आंदोलन होंगे और जहां भी छात्र अपने अधिकारों की मांग के लिए आगे आएंगे, हम उनके साथ खड़े होंगे, चाहे उस राज्य में कोई भी पार्टी सत्ता में हो। छात्रों के विरोध-प्रदर्शन का समर्थन करने के लिए कई प्रमुख विपक्षी नेताओं के जंतर-मंतर आने पर दिपके ने कहा कि मंच से इन नेताओं ने अपनी पार्टी या खुद का प्रचार नहीं किया। दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली किशोरी से जुड़े विवाद पर बात करते हुए दिपके ने नाबालिगों की टिप्पणियों को आपराधिक मामला बनाने का कड़ा विरोध किया।

शिक्षा के लिए लोन

दिपके ने कहा कि जो लोग मेरी पढ़ाई की फंडिंग की जांच करना चाहते हैं, वे ऐसा करने के लिए आजाद हैं। उन्होंने कहा कि मुझे बोस्टन यूनिवर्सिटी से स्कॉलरशिप मिली थी और बाकी रकम के लिए मैंने एजुकेशन लोन लिया था। यह लोन अभी भी बकाया है और इसे चुकाना है। दिपके ने बोस्टन यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ कम्युनिकेशन से पब्लिक रिलेशंस में मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री हासिल की है।

सामान्य प्रश्न

अभिजीत दिपके ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर क्या कहा?
अभिजीत दिपके ने कहा कि छात्र भारत में हिंसक या आक्रामक नहीं थे और उन्होंने संयम बरता।
Hindustan | Bureau

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