दीपके का तंज- मध्य प्रदेश के सीएम पद से इस्तीफा देता हूं
- सीजेपी संस्थापक ने राज्यपाल को लिखा पत्र - बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत

भोपाल, एजेंसी। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बालाघाट जिले में आदिवासी बच्चों की मौत को लेकर रविवार को राज्य की भाजपा सरकार पर तंज कसा। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पत्र साझा किया है, जिसमें उन्होंने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे की घोषणा की है।
आदिवासी बच्चों की मौत पर जवाबदेही
मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल को 13 अगस्त को लिखे पत्र में दीपके ने कहा कि वह सीएम पद से इस्तीफा दे रहे हैं, क्योंकि बालाघाट में 30 से अधिक आदिवासी बच्चों की मौत के बाद मेरी अंतरात्मा मुझे इस कुर्सी पर बने रहने की अनुमति नहीं देती। पत्र में बालाघाट के मामलों से निपटने के सरकार के तरीके पर भी दीपके ने निशाना साधा, विशेषकर पीड़ित परिवारों के लिए घोषित मुआवजे पर। उन्होंने सवाल किया कि यदि ये मंत्रियों या विधायकों के बच्चे होते तो क्या 24 लाख रुपये का मुआवजा पर्याप्त था। उन्होंने पत्र के जरिए नल से जल आपूर्ति योजना, शिक्षा और आदिवासी कल्याण पर सरकार के दावों को लेकर भी निशाना साधा है।
राज्य के आदिवासियों की निराशा
पूरे राज्य के आदिवासियों को निराश किया
पत्र के अंत में दीपके ने लिखा, उन्होंने न केवल बालाघाट, बल्कि पूरे राज्य के आदिवासियों को निराश किया है और इतने सारे मासूम बच्चों की मौत के बाद उन्हें विश्वास नहीं है कि उन्हें इस पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार है। यह पोस्ट दीपके के बालाघाट में प्रभावित गांवों के दौरे के एक दिन बाद आया है, जहां सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के एक समूह के साथ टकराव के कारण परिवारों के साथ उनकी बातचीत बाधित हुई थी।


