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अमित शाह से एक मुलाकात ने कर दिया असर, मनजिंदर सिरसा ने बताया क्यों भाजपा में आए

लाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्ली।Himanshu Jha
Wed, 01 Dec 2021 09:13 PM
अमित शाह से एक मुलाकात ने कर दिया असर, मनजिंदर सिरसा ने बताया क्यों भाजपा में आए

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शिरोमणि अकाली दल (SAD) के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति (डीएसजीएमसी) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के कुछ घंटों बाद आज राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। इससे अकाली दल के लिआ बड़ा झटका माना जा रहा है। पंजाब में अगले साल होने वाले चुनाव को देखते हुए यह बीजेपी के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

सिरसा ने पंजाब चुनाव से पहले पार्टी बदलने के बाद कहा “देश भर में सिख समुदाय से संबंधित कई मुद्दे हैं और इन्हें केवल सरकार ही हल कर सकती है। मैंने हमेशा इन मुद्दों को उठाया है। मैंने आज गृह मंत्री अमित शाहजी के साथ समुदाय के कुछ मुद्दों पर चर्चा की। मुझे आपको यह बताते हुए खुशी हो रही है कि मंत्री ने कहा कि वह इन सभी मुद्दों को संबोधित करना चाहते हैं।”

पश्चिमी दिल्ली के राजौरी गार्डन से दो बार के पूर्व विधायक केंद्रीय मंत्रियों गजेंद्र सिंह शेखावत और धर्मेंद्र प्रधान और अन्य वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हुए। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात की।

सिरसा ने संवाददाताओं से कहा कि वह अपने समुदाय, इसके कल्याण और मानवीय कार्यों को जारी रखने के लिए भाजपा में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा, “सिख समुदाय से संबंधित कई मुद्दे हैं जो पिछले 70 वर्षों से अनसुलझे हैं। राष्ट्रीय राजधानी में बाबा बंदा सिंह बहादुर जी शहीद हो गए, लेकिन हम अपने कमजोर नेतृत्व के कारण पिछले 70 वर्षों में सिख समुदाय के लिए एक भी विश्वविद्यालय नहीं प्राप्त कर सके। इस समुदाय की चिंताओं का क्या मतलब है, जो सीमाओं पर लड़ता है। उसकी वर्षों से सुनी नहीं जा रही है।”

अकाली दल ने पिछले साल तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को छोड़ दिया था, जिन्हें हाल ही में निरस्त कर दिया गया था।

2013 और 2017 में दिल्ली विधानसभा चुनाव जीतने वाले सिरसा पिछले कुछ सालों से दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति (डीएसजीएमसी) के अध्यक्ष हैं। उनके नेतृत्व में, डीएसजीएमसी कोविड-19 महामारी के चरम के दौरान चिकित्सा सुविधाएं और अन्य आवश्यक सेवाएं प्रदान करने में सक्रिय रूप से शामिल था, खासकर दूसरी लहर के दौरान जब राजधानी में ऑक्सीजन का संकट था।

भाजपा में शामिल होने से कुछ घंटे पहले, सिरसा ने गुरुद्वारा निकाय में अपने पूर्व सहयोगियों को एक धन्यवाद नोट ट्वीट किया। इसमें उन्होंने कहा, “सभी पदाधिकारियों, सदस्यों, कर्मचारियों और मेरे साथ काम करने वाले लोगों का आभार। मैं दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे रहा हूं। मैं आगामी डीएसजीएमसी आंतरिक चुनाव नहीं लड़ूंगा। अपने समुदाय, मानवता और राष्ट्र की सेवा करने की मेरी प्रतिबद्धता एक समान है!”

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