अकलू तुरहा आजादी के लिए अपने सीने पर गोलियां खाईं : सरावगी
भाजपा ओबीसी मोर्चा ने शहीद अकलू तुरहा का 84वां शहादत दिवस मनाया। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि अकलू ने 1942 में अंग्रेजों का सामना करते हुए देश की आजादी के लिए शहीद हो गए। उनका बलिदान हर भारतीय के लिए प्रेरणा है। स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को सम्मान देने की आवश्यकता है।

भाजपा ओबीसी मोर्चा एवं अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ की ओर से प्रदेश कार्यालय में शहीद अकलू तुरहा का 84वां शहादत दिवस मनाया गया। मौके पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि 14 अगस्त 1942 को महज 24 वर्ष की आयु में अकलू तुरहा ने अंग्रेजी हुकूमत के दमन के सामने अदम्य साहस का परिचय देते हुए देश की आजादी के लिए अपने सीने पर गोलियां खाईं और सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि अकलू तुरहा का बलिदान केवल किसी एक समाज तक सीमित नहीं है। उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। इसलिए वे पूरे देश के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं।
उनके जैसे हजारों-लाखों ज्ञात-अज्ञात सेनानियों के त्याग और बलिदान के कारण भारत को आजादी मिली। इतिहास में ऐसे महान सेनानियों के योगदान को उचित सम्मान मिलना चाहिए। आज केवल एक परिवार को महिमामंडित करने के बजाए उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को भी सामने लाने की आवश्यकता है, जिनकी कुर्बानी से देश आजाद हुआ। प्रदेश संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया, पूर्व विधान पार्षद किरण घई, विधायक संजय गुप्ता, प्रदेश महामंत्री राजू झा, ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद चंद्रवंशी और सुबोध तुरहा आदि मौजूद रहे।


