6 साल की मासूम पोती से गलत कृत्य में 75 वर्षीय कलयुगी दादा को 20 साल की कैद

हिन्दुस्तान, बुलंदशहर
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6 साल की मासूम पोती से गलत कृत्य में 75 वर्षीय कलयुगी दादा को 20 साल की कैद

6 साल की मासूम पोती से गलत कृत्य में 75 वर्षीय कलयुगी दादा को 20 साल की कैद

अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम कोर्ट नंबर-1/अपर सत्र न्यायाधीश विनीत चौधरी ने रिश्तों को कलंकित करने वाले मामले में 75 वर्षीय वृद्ध को सजा सुनाई है। अभियुक्त द्वारा अपनी ही 6 वर्षीय मासूम पौत्री के साथ गलत कृत्य किया गया था। न्यायाधीश ने अभियुक्त को 20 साल की कैद और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। वादी के गवाही में मुकरने के बावजूद वीडियो साक्ष्य बने सजा का मुख्य आधार बने। विशेष लोक अभियोजक महेश राघव ने बताया कि यह मामला थाना जहांगीराबाद क्षेत्र के एक गांव का है। 21 जून 2022 को दोपहर के समय 75 वर्षीय अभियुक्त ने खेत में स्थित एक झोपड़ी में चारपाई पर ले जाकर रिश्ते में अपनी 6 वर्षीय मासूम पोती के साथ घिनौनी हरकत व अप्राकृतिक लैंगिक हमला किया था।

घटना के वक्त मौके पर पहुंचे युवकों ने दीवार के पीछे से मोबाइल कैमरे में अभियुक्त की इस शर्मनाक करतूत का वीडियो बना लिया था। बाद में जब यह वीडियो परिजनों तक पहुंचा, तो आरोपी के ही पुत्र ने पेन ड्राइव के माध्यम से वीडियो पुलिस को सौंपते हुए 19 अगस्त 2022 को थाना जहांगीराबाद में अपने पिता के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मुकदमे के विचारण के दौरान आरोपी के परिजनों ने बाद में उसे बचाने के उद्देश्य से बयानों में पूरा समर्थन नहीं किया, परंतु न्यायाधीश विनीत चौधरी के समक्ष न्यायालय में कंप्यूटर पर पेन ड्राइव एवं मूल मोबाइल के वीडियो चलाकर देखे गए। न्यायालय ने पाया कि वीडियो प्राथमिक और अकाट्य साक्ष्य हैं, जिनमें अभियुक्त स्पष्ट रूप से मासूम के साथ गलत कृत्य करते दिखाई दे रहा है। न्यायाधीश ने सर्वोच्च न्यायालय के नजीरों का हवाला देते हुए माना कि जहां वैज्ञानिक व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य पूर्णतः स्पष्ट हों, वहां अभियुक्त को संदेह का लाभ नहीं दिया जा सकता। न्यायाधीश ने अभियुक्त को 20 साल की कैद और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।

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