साइबर ठगी : फर्जी निवेश योजना के झांसे में आकर सीए ने 21 करोड़ गंवाए
ग्वालियर के 70 वर्षीय चार्टर्ड अकाउंटेंट ने साइबर ठगों के झांसे में आकर छह महीनों में 21 करोड़ रुपये गंवा दिए। ठगों ने उन्हें फर्जी निवेश योजना में पैसे लगाने के लिए प्रेरित किया। पुलिस ने 1.75 करोड़ रुपये फ्रीज किए हैं और बैंक खातों की जांच कर रही है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

ग्वालियर, एजेंसी। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 70 वर्षीय एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) साइबर ठगों के झांसे में आकर छह महीने के दौरान 21 करोड़ रुपये से अधिक गंवा बैठे। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, ठगों ने उन्हें अधिक मुनाफे का लालच देकर एक फर्जी निवेश योजना में पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया। अब तक पुलिस करीब 1.75 करोड़ रुपये फ्रीज कराने में सफल रही है और जिन बैंक खातों में रकम भेजी गई, उनकी जांच की जा रही है। यह मामला ग्वालियर के इंदरगंज क्षेत्र निवासी पीड़ित की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया।
साइबर क्राइम शाखा के उप पुलिस अधीक्षक संजीव नयन शर्मा ने बताया कि ठगी की शुरुआत दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में हुई, जब एक महिला ने व्हाट्सएप के जरिए खुद को निवेश सलाहकार बताकर पीड़ित से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि शुरुआत में छोटे निवेश पर मुनाफा दिखाकर महिला ने पीड़ित का विश्वास जीता। इसके बाद ठगों ने एक फर्जी ऑनलाइन निवेश पोर्टल तैयार किया, जिसमें नकली लाभ दिखाया जाता था। पोर्टल पर दिख रहे मुनाफे को वास्तविक मानकर पीड़ित ने छह महीने में 21 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर दिया।अधिकारी के अनुसार, जब पीड़ित ने अपनी राशि निकालने की कोशिश की तो ठग टालमटोल करने लगे। बाद में उन्होंने निवेश की रकम जारी करने के नाम पर कई करोड़ रुपये और जमा कराने की मांग की। शिकायत के अनुसार, पीड़ित के चार बैंक खातों से 100 से अधिक लेनदेन के जरिए यह रकम ठगों के खातों में भेजी गई। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।


